10 लाख की सुपारी देकर करवाई गई थी अधिवक्ता की हत्या। पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह करैरा पुलिस ने अधिवक्ता की निर्मम हत्या के 5 आरोपियों को 24 घंटे में किया गिरफ्तार

शिवपुरी

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जिले के करेरा थाना अंतर्गत बांस पहाड़ी मार्ग स्थित वीरान घाटी में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सैना की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार बरामद कर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
दरअसल फरियादी कुलदीप सक्सैना निवासी घरियाली मोहल्ला करैरा, ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके बड़े भाई अधिवक्ता संजय कुमार सक्सैना सुबह अपने घर से मोटरसाइकिल से करैरा न्यायालय जा रहे थे। करीब 11:50 बजे अन्य वकीलों ने उन्हें रास्ते में मोटरसाइकिल के पास घायल अवस्था में गिरा देखा। उनके सीने में गोली का निशान था। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां उनकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने डायल 112 की सहायता से शव को शासकीय अस्पताल करैरा भिजवाया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुमार सक्सेना एवं उप पुलिस महानिरीक्षक अमित सांघी ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर स्वयं घटनास्थल पहुंचे और जांच के लिए विशेष टीमें गठित कीं। वही आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में छह टीमें गठित की गईं। टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट, मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक अधिवक्ता संजय सक्सैना सिविल कोर्ट में जमीन संबंधी प्रकरणों की पैरवी करते थे। गांव के कमलेश शर्मा, सुनील शर्मा और नीरज शर्मा से उनकी पुरानी रंजिश थी। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में भी संजय सक्सैना और सुनील शर्मा आमने-सामने थे। साथ ही ग्राम सिगदौआ में कृषि भूमि विवाद को लेकर भी तनाव चल रहा था।
आरोप है कि सुनील शर्मा और कमलेश शर्मा ने मिलकर संजय सक्सैना की हत्या की साजिश रची और टोरियाकला निवासी सचिन रावत को 10 लाख रुपये की सुपारी दी, जिसमें से 2 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।
शूटरों से मुठभेड़, एक के पैर में लगी गोली

घटना के बाद 15 फरवरी को मुखबिर सूचना पर पुलिस टीम चिरली तिराहा स्थित गौशाला पहुंची, जहां तीन संदिग्ध मोटरसाइकिल से भागने लगे। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण के लिए ललकारने पर आरोपी पपेन्द्र रावत ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। घायल आरोपी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करैरा भेजा गया।

गिरफ्तार आरोपियों में
पपेन्द्र रावत (निवासी चांदपुर, जिला ग्वालियर)
राजकुमार उर्फ गोलू रावत (निवासी घूघसी, जिला दतिया) जहीर खान (निवासी घूघसी, जिला दतिया)
सुनील शर्मा (निवासी सिंगदौआ)कमलेश शर्मा
शामिल हैं।

दर्ज प्रकरण एवं आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, आर्म्स एक्ट तथा अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। मुख्य आरोपियों का पूर्व में भी विभिन्न थानों में आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है, जिनमें मारपीट, धमकी, एससी/एसटी एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं।

क्या कहना है
मामले में तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के चलते 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष आरोपियों की तलाश जारी है तथा प्रकरण की गहन विवेचना की जा रही है।

 

अमन सिंह राठौड़ एस.पी. शिवपुरी

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