दौसा
हरियाणा में छापते थे दौसा से सप्लाई, पुलिस का बड़ा खुलासा
दौसा (NEWS UPDATE): जाली भारतीय मुद्रा (Fake Indian Currency) के एक बहुत बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दौसा जिला पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए हरियाणा के फरीदाबाद में चल रही एक नकली नोट छापने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर को निरुद्ध किया गया है। कार्रवाई में 24 लाख 84 हजार रुपए के नकली नोट और नोट छापने का पूरा सेटअप बरामद किया गया।
40 हजार रुपये से खुला 25 लाख का राज: एसपी पीयूष दीक्षित
एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि 28 मई को पुलिस ने 40 हजार के नकली नोटों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया, जिसके पास से 47 हजार रुपए के नकली नोट मिले। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस अंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंच गई। विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर हरियाणा के फरीदाबाद में दबिश दी।
फरीदाबाद में चल रहा था हाई-टेक छापाखाना
पुलिस ने मौके से 500-500 रुपए के 4,968 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 24.84 लाख रुपए है। इसके अलावा 11 हाई-क्वालिटी प्रिंटर, दो लैपटॉप, छह पेपर रोल, केमिकल, ब्रश, कटर, वाटरमार्क डाई, विशेष कागज और अन्य उपकरण जब्त किए गए।
गिरोह के इन शातिर आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में दौसा निवासी आयुष कुमार मीणा (19), फरीदाबाद निवासी संतोष सिंह वाल्मीकि (33) और झारखंड निवासी विशाल उपाध्याय (42) शामिल हैं। एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के तार देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
Fake Currency Factory
