भितरवार क्षेत्र में टीकाकरण के बाद जुड़वा बच्चों की बिगड़ी तबीयत, एम्बुलेंस में देरी से एक मासूम की मौत

डबरा/भितरवार

भितरवार

ग्रामीणों में भारी आक्रोश,दूसरा बच्चा भी भितरवार सामुदायिक अस्पताल एनआरसी में भर्ती

भितरवार( हृदय स्तंभ/HRIDAY STAMBH)। स्वास्थ्य विभाग की एक गंभीर लापरवाही की कीमत एक बच्चे को अपनी जानने चुकानी पड़ी ।

भितरवार क्षेत्र के ग्राम करहिया के नैनागिर से स्वास्थ्य विभाग की एक बेहद गंभीर और संवेदनशील लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत टीका लगाए जाने के बाद जुड़वा बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। समय पर आपातकालीन चिकित्सा सेवा न मिलने के कारण एक मासूम बच्चे की मौत हो गई है, जबकि दूसरे बच्चे की स्थिति को लेकर परिवार गहरे संकट और चिंता में है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र और गांव में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।

टीकाकरण के बाद बिगड़ी तबीयत, 4 घंटे बाद पहुंची एम्बुलेंस

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमित टीकाकरण किया गया था। टीका लगने के कुछ ही समय बाद दोनों मासूम जुड़वा बच्चों की तबीयत अचानक तेजी से बिगड़ने लगी। स्थिति को भांपते हुए घबराए परिजनों ने तुरंत आपातकालीन सेवा ‘108 एम्बुलेंस’ को कॉल किया।
परिजनों का गंभीर आरोप है कि उन्होंने एक के बाद एक कई बार फोन लगाए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और एम्बुलेंस प्रबंधन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई। एम्बुलेंस को मौके पर पहुंचने में करीब 4 घंटे का लंबा समय लग गया।

एक मासूम की मौत, दूसरे की स्थिति पर संशय

एम्बुलेंस के बेहद देरी से पहुंचने के कारण बच्चों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। जब तक उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान एक मासूम बच्चे ने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे बच्चे की हालत भी नाजुक बनी हुई है, जिसका उपचार जारी है और पूरा परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर डरा हुआ है।

गांव में आक्रोश, जांच की मांग

एक हंसते-खेलते मासूम की इस तरह एम्बुलेंस की लेती-लतीफी के कारण जान जाने से नैनागिर गांव के लोग बेहद गुस्से में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि 108 आपातकालीन सेवा समय पर मिल जाती, तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने, दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

करहिया के नैनागिर में आदिवासी बच्चों की मौत के बाद लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन । भितरवार बीएमओ डॉ अजय चन्द्रावत हटाए गए, चीनोर के तीन डॉ अटैच।

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