ग्वालियर
प्रदेशव्यापी “विशेष जेल लोक अदालत” आयोजित, 17 बंदियों की रिहाई के आदेश
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को प्रदेश की सभी जेलों में “विशेष जेल लोक अदालत” का आयोजन किया गया। इसका वर्चुअल शुभारंभ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति एवं प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने केन्द्रीय जेल ग्वालियर से किया।
मुख्य न्यायाधिपति संजीव सचदेवा ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल में आने की परिस्थितियां चाहे जो भी रही हों, लेकिन यहां से बाहर निकलने तक उन्हें सकारात्मक व्यक्तित्व अपनाने का प्रयास करना चाहिए, ताकि सजा पूर्ण होने के बाद वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने बंदियों को जेल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी देते हुए लोक अदालत का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने कहा कि सामान्यतः पक्षकारों को न्यायालय जाना पड़ता है, लेकिन इस लोक अदालत के माध्यम से न्याय स्वयं उनके पास आया है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल विवाद समाप्त करना नहीं, बल्कि उसके कारणों को समझकर स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास करना है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विवाद-विहीन समाज के निर्माण का लक्ष्य भी साझा किया।
केन्द्रीय जेल ग्वालियर में आयोजित लोक अदालत में 60 प्रकरण चिन्हित किए गए, जिनके निराकरण हेतु तीन खंडपीठों का गठन किया गया। सुनवाई के दौरान 6 प्रकरण प्ली-बार्गेनिंग के माध्यम से तथा 12 प्रकरण आपसी समझौते से निराकृत हुए। कुल 18 मामलों के निपटारे में से 17 बंदियों की रिहाई के आदेश जारी किए गए।
लोक अदालत में कई उल्लेखनीय मामलों का भी समाधान हुआ। वर्ष 2016 से लंबित एक प्रकरण में शिकायतकर्ता स्वयं जेल पहुंचा और आपसी समझौते के बाद आरोपी को तत्काल रिहाई मिली। वहीं एक अन्य मामले में, जहां दोनों पक्ष जेल में ही निरुद्ध थे, आपसी सहमति से समझौता होने पर आरोपी को बरी किया गया।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया, न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके, न्यायमूर्ति आशीष श्रोती, न्यायमूर्ति अमित सेठ, न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत, न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता सहित कई न्यायाधीश, जेल विभाग के विशेष महानिदेशक अखेतो सेमा, रजिस्ट्रार जनरल धरमिंदर सिंह, प्रधान जिला न्यायाधीश ललित किशोर, कलेक्टर रूचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

