आरटीओ की निष्क्रियता से खरई-कोटानाका चेकपोस्ट पर बेखौफ जारी है अवैध वसूली का काला कारोबार

शिवपुरी

कोलारस

चेकपोस्ट प्रभारी अपने निजी गुर्गों के साथ दीगर प्रांतों से आने वाले वाहनों से कर रहे हैं अवैध वसूली
तेंदुआ पुलिस द्वारा कोई पुलिसिया कार्रवाई न करने से अवैध वसूली के मामलों का ग्राफ बढ़ा

कोलारस।
सुशासन का डंका पीटने वाली भाजपा सरकार चेकपोस्ट प्रभारियों की लूट के कारण पूरे मध्यप्रदेश में बदनाम हो रही है। मध्यप्रदेश की सीमा को राजस्थान से जोड़ने वाले खरई.कोटानाका चेकपोस्ट पर प्रभारी भरत रावत की तैनाती के बाद माल वाहक व यात्री वाहनों से अवैध वसूली के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। सभी जगहों पर परिवहन विभाग के चेकपोस्ट व बेरियर कागजों में तो बंद हो गए हैंए परंतु धरातल पर स्थित बिल्कुल जुदा है। मध्यप्रदेश से राजस्थान और राजस्थान से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के लिए माल वाहक व यात्री वाहनों को खरई-कोटानाका चेकपोस्ट प्रभारी भरत रावत की प्रताड़नाओं से गुजरना पड़ रहा है। खरई-कोटानाका चेकपोस्ट फोरलेन हाइवे पर दोनों ओर आरटीओ नेमप्लेट लगीं प्राइवेट गाड़ियां लगाकर वाहन चालकों से हजार और पांच सौ रूपए की अवैध वसूली निरंतर जारी है। वहीं शिवपुरी आरटीओ रंजना कुशवाहा गांधारी की भूमिका में अपनी आंखों पर पट्टी बांध कर भरत रावत द्वारा अपने प्राइवेट गुंडों से कराई जा रही अवैध वसूली को पूरी तरह से नजर अंदाज कर रही हैं। आरटीओ रंजना कुशवाहा केवल अपने कार्यालय में बैठकर निजी लाभ देने वाले भ्रष्टाचारियों को चेकपोस्ट पर तैनात कर मध्यप्रदेश शासन के राजस्व में लगातार सेंध लगाने का कार्य कर रही हैं। खरई.कोटानाका चेकपोस्ट से जो राजस्व मध्यप्रदेश शासन की गुल्लक में जाना चाहिएए वह चेकपोस्ट प्रभारी भरत रावत व आरटीओ रंजना कुशवाहा की जेबों तक सिमटकर सीमित रह गया है। वहीं खरई.कोटानाका चेकपोस्ट पर प्रभारी भरत रावत द्वारा 1 दर्जन से अधिक प्राइवेट गुंडों को तैनात कर वाहन चालकों से डंडे की दम पर अवैध लूट कराई जा रही है। भरत रावत और उनके निजी गुंडे खरई-कोटानाका चेकपोस्ट फोरलेन हाइवे पर सुबह से देर रात तक एक ही स्थान पर खड़े होकर नियम विरुद्ध तरीके से फोरलेन हाइवे पर दोनों ओर बेरीकेट्स लगाकर अन्य राज्यों से आने वाले वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। सभी वैध दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद भी माल वाहक वाहनों को दादागिरी से खड़ा किया जा रहा है। दस्तावेज चैक करने के नाम पर वाहन चालकों को कई घंटों तक रोका जाता है और जब वह मजवूरी बस प्रभारी भरत रावत के प्राइवेट कटरों को सुविधा शुल्क अदा कर देते हैं तब उन्हें जाने दिया जाता है। यदि कोई वाहन चालक इस अवैध वसूली का विरोध करता है तो उस पर भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी जाती है। मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा खरई.कोटानाका चेकपोस्ट फोरलेन हाइवे पर चल रहे लूट के इस काले कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए आरटीओ रंजना कुशवाहा के पास कोई खास समय नहीं है। भरत रावत द्वारा बेखौफ  होकर कराई जा रही इस अवैध लूट के चलते भाजपा शासन सहित गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की छवि पर भी वितरित प्रभाव पड़ रहा है। जबकि केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ शब्दों में स्पष्ट कह रखा है कि उनके संसदीय क्षेत्र गुना.शिवपुरी में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन और अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वॉक्स
फ ोरलेन हाइवे पर वाहनों के आगे बेरीकेट्स अड़ा देते हैं भरत रावत के गुंडे
खरई.कोटानाका चेकपोस्ट पर अवैध वसूली करने के लिए चेकपोस्ट प्रभारी भरत रावत और उनके निजी गुंडों ने नायाब तरीका अख्तियार किया है। पांच सौ और एक हजार रूपए के चक्कर में फोरलेन हाइवे से गुजर रहे वाहनों को रोकने के लिए अचानक बेरिकेड्स अड़ा दिए जाते हैं। जिस कारण कई वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर पलट चुके हैं। भारी माल से भरे हुए वाहनों के सामने अचानक बेरिकेड्स लगाने से वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं और यदि चालक वाहन नियंत्रित करने के लिए तेज रफ्तार में ब्रेक लगा देते हैं तो उक्त वाहनों के टायर तक फट जाते हैं। अपनी अवैध वसूली की पूर्ति के लिए चेकपोस्ट प्रभारी भरत रावत को वाहन चालकों को टायर फटने के कारण हुए नुकसान से भी कोई सरोकार नहीं है। न ही किसी भी प्रकार की दुर्घटना से कोई लेना.देना है। भरत रावत को तो सिर्फ अपनी जेबें भरने से मतलब है।
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तेंदुआ थाना क्षेत्र में जारी है भरत रावत की लूटए पुलिस मौन
खरई.कोटानाका चेकपोस्ट तेंदुआ पुलिस थाना क्षेत्र में आता है। यदि इस थाना क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या दीगर प्रांतों से आने वाले वाहन चालकों से बदसलूकी व मारपीट की जाती है तो तेंदुआ पुलिस इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। तेंदुआ थाना प्रभारी को खरई.कोटानाका चेकपोस्ट पर अवैध वसूली कराने वाले भरत रावत और उनके निजी गुंडों को पुलिसिया कार्रवाई की जद में लेना चाहिए। क्योंकि जब से परिवहन विभाग के बेरियर बंद हुए हैं तब से इस प्रकार की नियम विरुद्ध वसूली पूरी तरह से गैर कानूनी है। यहां तैनात प्राइवेट कटरों का पुलिस बैरिफिकेसन तेंदुआ पुलिस को करना चाहिए। ताकि ये जानकारी सभी के समक्ष आ सके कि अनैतिक रूप से वाहन चालकों से वसूली करने वाले ये प्राइवेट गुंडे मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में आपराधिक प्रष्ट भूमि के तो नहीं हैं। यदि ऐसा होता है तो किसी भी समय माल वाहक वाहनों से बड़ी लूट की घटना घटित होना तय है। चेकपोस्ट प्रभारी भरत रावत और उनके निजी गुंडों द्वारा किए जा रहे अत्याचारों को लेकर जब पीड़ित वाहन चालक तेंदुआ पुलिस थाना पहुंचते हैं तो उन्हें थाना प्रभारी द्वारा कई घंटों तक बैठाकर रखा जाता है। साथ ही चेकपोस्ट प्रभारी भरत रावत और उनके निजी गुर्गों पर कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं की जाती। इस तरह अन्य प्रांतों से आने वाले वाहन चालकों का मध्यप्रदेश की सीमा में भरपूर शोषण जारी है।
वॉक्स
इनका कहना है।
हमारी आईडी चालू हो गई है, अभी में बाहर हूं। कितना राजस्व वसूला है, इसकी जानकारी आकर दे दूंगा।
भरत रावत, प्रभारी खरई-कोटानाका चेकपोस्ट .
इनका कहना है।
खरई-कोटानाका चेकपोस्ट पर यदि नियम विरुद्ध तरीके से वसूली की जा रही है। पीड़ित वाहन चालकों की सुनवाई तेंदुआ पुलिस थाना में नहीं हो रही है। तो में शीघ्र ही निरीक्षण कर अनैतिक गतिविधियों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाऊंगा।
संजय मिश्रा, एसडीओपी कोलारस

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