नई दिल्ली
1 अगस्त से बेहद सस्ता हुआ कमर्शियल LPG सिलेंडर, चेक करें अपने शहर के नए रेट्स
नई दिल्ली (NEWS UPDATE):महंगाई के मोर्चे पर आम जनता और व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी कटौती की है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में ₹209 तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
नई दरें 1 अगस्त 2026 से पूरे देश में लागू कर दी गई हैं। इससे होटल, रेस्तरां, ढाबे, बेकरी और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलेगी।
जानिए आपके शहर में कितना सस्ता हुआ कमर्शियल सिलेंडर?
नई कीमतों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 202 रुपए की कमी की गई है। वहीं, कोलकाता में इसकी कीमत 209 रुपए घटाई गई है। अब कोलकाता में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 2,872.50 रुपए में मिलेगा। अलग-अलग शहरों में कटौती की राशि स्थानीय दरों के अनुसार अलग हो सकती है।
कमर्शियल एलपीजी गैस की नई कीमतें 1 अगस्त 2026 से लागू कर दी गई हैं। आपको बता दें कि इससे पहले एक जुलाई 2026 को LPG सिलेंडर के दाम घटे थे। उस वक्त 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम दिल्ली में 183.50 रुपए घटाकर 2,930 रुपए कर दी गई थी।
घरेलू LPG सिलेंडर उपभोक्ता (14.2Kg) रहें ध्यान दें
एक ओर 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी घरेलू गैस सिलेंडर पहले की कीमत पर ही उपलब्ध रहेगा।
वर्तमान में दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू LPG सिलेंडर 942 रुपए में मिल रहा है। वहीं, कोलकाता में इसकी कीमत 968 रुपए, मुंबई में 941.50 रुपए और चेन्नई में 957.50 रुपए है।
कमर्शियल एलपीजी सस्ती होने से आम जनता और कारोबारियों पर क्या पड़ेगा असर?
कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम घटने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग, बेकरी और अन्य छोटे-बड़े खाद्य कारोबारियों को फायदा मिलेगा। सिलेंडर की कीमत में कटौती से कारोबारियों का मुनाफा बढ़ेगा। इससे ग्राहकों को भी कारोबारियों की ओर से कुछ राहत मिल सकती है। यह राहत ऐसे वक्त में मिली है, जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है। होर्मुज संकट का समाधान अब तक दोनों देश नहीं निकाल पाए हैं, जिसके कारण तेल और गैस की कीमतें अस्थिर रही हैं।
