सागर
120 से अधिक बिस्तर मिलने पर हिंदू संगठनों का हंगामा
सागर (NEWS UPDATE): जिले अंतर्गत खुरई शहर के बीना रोड स्थित ‘होली फैमिली कॉन्वेंट स्कूल’ में शुक्रवार शाम धर्म परिवर्तन की आशंका को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। स्कूल परिसर के भीतर 120 से अधिक बिस्तर लगे होने और अन्य राज्यों से आए लोगों की मौजूदगी की खबर मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन को खुरई, बीना, खिमलासा और आसपास के कई थानों से भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा। देर रात तक हिंदू संगठनों का प्रदर्शन जारी रहा, जबकि पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी रही।
120 बिस्तर और बाहरी राज्यों के लोग मिलने से भड़का विवाद
शाम करीब 7 बजे स्थानीय लोगों को सूचना मिली कि कॉन्वेंट स्कूल परिसर के भीतर बड़ी संख्या में हिंदू परिवार मौजूद हैं और वहां कथित तौर पर धर्म परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता परिसर के बाहर जमा हो गए और अंदर प्रवेश की मांग करने लगे। हिंदू कार्यकर्ताओं का दावा है कि जब वे अंदर पहुंचे, तो परिसर में लगभग 120 बिस्तर लगे हुए मिले। इसके अलावा वहां ओडिशा, बिहार और झारखंड से आए पुरुष, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।
प्रबंधन और कार्यक्रम में आए लोगों के दावों में विरोधाभास
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और वहां मौजूद लोगों की तरफ से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक तरफ जहां हिंदू संगठन इसे संगठित धर्म परिवर्तन का प्रयास बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन और कार्यक्रम में शामिल लोगों का तर्क इससे बिल्कुल अलग है।
दावों में आ रहे इस विरोधाभास के कारण मामला और अधिक पेचीदा हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोनों पक्षों से पूछताछ कर रहे हैं।
भारी पुलिस बल तैनात, देर रात तक चलता रहा हंगामा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई थानों की पुलिस टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। सुरक्षा बल ने मोर्चा संभालते हुए भीड़ को शांत करने और स्थिति को बेकाबू होने से रोकने की कोशिश की।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन परिसर में ठहरे लोगों की सूची तैयार कर रहा है और उनके आने के मुख्य उद्देश्य की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी और नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
