ग्वालियर,
ग्वालियर(HRIDAY STAMBH);
मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) और उससे जुड़े जयारोग्य अस्पताल परिसर से एक अत्यंत संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कॉलेज के ही एक सहपाठी ने कथित तौर पर एक मेडिकल छात्रा को जबरन गर्ल्स वॉशरूम में ले जाकर अश्लील हरकत की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी छात्र के खिलाफ छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने वर्ष 2025 में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उसकी पहचान साथी छात्र नितेश कुमार उर्फ सिद्धार्थ कुशवाह से हुई थी। आरोप है कि आरोपी छात्र लगातार उस पर प्रेम प्रस्ताव स्वीकार करने और हर समय बातचीत करने का दबाव बना रहा था। जब छात्रा ने उसकी इन हरकतों और प्रताड़ना का विरोध किया, तो आरोपी उसका पीछा करने लगा और उसे मानसिक रूप से परेशान करने लगा।
28 अक्टूबर को अस्पताल परिसर में दिया घटना को अंजाम
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब 28 अक्टूबर को आरोपी ने एक हजार बिस्तर वाले अस्पताल परिसर के पास छात्रा की गाड़ी की चाबी छीन ली। इसके बाद वह उसे जबरन गर्ल्स वॉशरूम के अंदर ले गया और वहां अश्लील हरकत की। जब पीड़िता ने इसका पुरजोर विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और किसी को बताने पर जान से मारने की गंभीर धमकी दी।
घटना के बाद से सहमी हुई पीड़िता ने कॉलेज स्तर पर भी इसकी शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन जब कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई होते नहीं दिखी, तो उसने थाने का रुख किया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पीड़िता की हिम्मत और शिकायत के बाद झांसी रोड थाना पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया। पुलिस ने आरोपी छात्र नीतेश कुमार उर्फ सिद्धार्थ कुशवाह के खिलाफ आईपीसी/बीएनएस की संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) के तहत गंभीर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है और मामले में कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद से मेडिकल कॉलेज परिसर के विद्यार्थियों और क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। कॉलेज परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा और महिला सुरक्षा के कड़े दावों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

