झांसी
फ्रांस में WHIS अवार्ड से सम्मानित होगी योगी सरकार
झाँसी (NEWS UPDATE):झांसी का 140 साल पुराना पारीछा बांध अब इंटरनेशनल वर्ल्ड हेरिटेज इरिगेशन स्ट्रक्चर बन गया है। आईसीआईडी (ICID) अक्टूबर में फ्रांस में WHIS अवार्ड-26 से इसे सम्मानित करेगा।
ऐतिहासिक पारीछा बांध का अब वैश्विक धरोहर सूची में शामिल होना और लगभग 140 साल पुराने इस बांध को इंटरनेशनल कमीशन ऑन इरिगेशन एंड ड्रेनेज (ICID) ने वर्ल्ड हेरिटेज इरिगेशन स्ट्रक्चर (WHIS) के रूप में मान्यता दी जानी एक ऐतिहासिक एवं गौरवान्वित करने वाला समय है
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के जल प्रबंधन प्रयासों के चलते इस ऐतिहासिक धरोहर को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।
कैप्टन स्ट्रेची की सोच से आधुनिक पर्यटन केंद्र तक
पारीछा बांध को विकसित करने की योजना 19वीं सदी में तैयार की गई थी। वर्ष 1855 में कैप्टन स्ट्रेची (Captain Strachey) ने बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त इलाकों के लिए बेतवा नहर प्रणाली का विचार रखा था। सर्वे के बाद 1881 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ।
आज यह 140 साल पुराना बांध न केवल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बड़े कृषि भूभाग की सिंचाई करता है, बल्कि मानसून के दौरान पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बना हुआ है। जब इसके 318 गेट खोले जाते हैं, तो यह जलप्रपात सा मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है।
कैप्टन स्ट्रेची की सोच से 920 MW पावर प्लांट की धड़कन तक
पारीछा बांध की परिकल्पना 19वीं सदी के मध्य में (1855) ब्रिटिश इंजीनियर कैप्टन स्ट्रेची ने की थी। 1881 में 40 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ और 1886 में यह चालू हुआ।
यह बांध सिर्फ कृषि के लिए पानी ही नहीं देता, बल्कि झांसी स्थित 920 मेगावाट क्षमता के पारीछा थर्मल पावर प्रोजेक्ट को भी निर्बाध जलापूर्ति करता है।
फ्रांस में मिलेगा विश्व स्तरीय सम्मान
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग के अनुसार, ICID की ओर से राज्य सरकार को इस संबंध में आधिकारिक निमंत्रण प्राप्त हो चुका है। 14 अक्टूबर को फ्रांस के मार्सेई में 26वीं ICID इंटरनेशनल कांग्रेस और 77वीं इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल मीटिंग के दौरान यह ऐतिहासिक अवार्ड प्रदान किया जाएगा।
World Heritage Irrigation Structure
Parichha Dam Jhansi
