मोरबी
भूकंप का खतरा या प्राकृतिक घटना? भू-वैज्ञानिकों की टीम ने किया खुलासा
मोरबी (NEWS UPDATE):गुजरात के मोरबी जिले के वीरपरड़ा गांव में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां पिछले पांच दिनों से एक कुएं का पानी लगातार समुद्र की लहरों की तरह हिल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और भू-वैज्ञानिकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। वैज्ञानिकों ने जांच के बाद इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए इसे पूरी तरह से एक प्राकृतिक प्रक्रिया बताया है।
भूकंप की अफवाह खारिज, वैज्ञानिकों ने बताई असली वजह
घटना मोरबी जिले में जामनगर-अमृतसर राष्ट्रीय हाईवे के पास स्थित वीरपरड़ा गांव की है। यहां किसान प्राणजीवनभाई सदरिया के खेत में बने कुएं का पानी रविवार से लगातार हिलता हुआ दिखाई दे रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला भू-वैज्ञानिक जेएस वाढेर और उनकी टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। जिला कलक्टर स्वप्निल खरे ने बताया कि जांच में यह साफ हो गया है कि इस घटना का किसी भी तरह की भूकंपीय (सीस्मिक) गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। गुजरात में हाल के दिनों में ऐसी कोई हलचल दर्ज नहीं की गई है।
पानी हिलने का वैज्ञानिक कारण
जांच के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस घटना का किसी भी प्रकार की भूकंपीय (सीस्मिक) गतिविधि या भूकंप से कोई संबंध नहीं है। अधिकारियों के अनुसार लगातार हुई भारी बारिश के कारण भू-जल का पुनर्भरण (रीचार्ज) हो रहा है। जब पानी जमीन के भीतर चट्टानों की परतों के बीच पहुंचता है, तो वहां फंसी हुई हवा दबाव के साथ बाहर निकलती है। इसी हवा की गति और तेज हवा के प्रभाव के कारण कुएं का पानी हिलता हुआ दिखाई देता है।
30 फीट चौड़ा और 18 फीट गहरा है कुआं
खेत के मालिक प्रांजीवनभाई सदरिया के अनुसार, यह कुआं करीब तीन महीने पहले ही बनवाया गया था, जिसका व्यास 30 फीट और गहराई 18 फीट है। हैरान करने वाली बात यह है कि उनके खेत के कुएं में तो पानी लगातार हिल रहा है, लेकिन आसपास के अन्य सभी कुओं में पानी पूरी तरह स्थिर है। इसी वजह से यह घटना स्थानीय लोगों के बीच कौतुहल और चर्चा का विषय बनी हुई थी।
