सिंगरौली
शादी के दबाव से परेशान मामी बनी कातिल, भांजे का गला घोंट कार में छिपाया शव
सिंगरौली (NEWS UPDATE): मोरवा थाना क्षेत्र में युवक सत्यप्रकाश गुप्ता की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शादी का दबाव बनाने से परेशान मामी ने ही दुपट्टे से गला घोंटकर भांजे की हत्या कर दी और शव कार में छिपा दिया था।
मोरवा थाना क्षेत्र में कार की ड्राइविंग सीट पर मिली युवक की लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मृतक की सगी रिश्तेदार (मामी) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने कबूल किया कि भांजे द्वारा लगातार शादी का दबाव बनाए जाने के कारण उसने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
कार में संदिग्ध हालत में मिला था शव
घटना 31 जुलाई की है, जब मोरवा थाना क्षेत्र की भगत सिंह कॉलोनी के निवासी सत्यप्रकाश गुप्ता का शव उन्हीं की कार में ड्राइवर सीट पर संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया था। मृतक के भाई राहुल कुमार गुप्ता ने पुलिस को कार में शव पड़े होने की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही मोरवा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने पर पुष्टि हुई कि सत्यप्रकाश की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी।
CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच से खुली पोल
हत्या का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट, गवाहों के बयान और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का बारीक विश्लेषण किया।
तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान पुलिस को मृतक और उसकी रिश्ते की मामी के बीच लगातार संपर्क और अवैध संबंधों की जानकारी मिली।
‘प्रेम संबंध थे, लेकिन शादी नहीं करनी थी’
संदेह के आधार पर पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। आरोपी महिला ने जुर्म स्वीकारते हुए बताया कि उसके और सत्यप्रकाश के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहे थे।
महिला ने पुलिस को बताया कि सत्यप्रकाश उस पर लगातार शादी करने का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी शादी की बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। तंग आकर महिला ने अपने दुपट्टे से सत्यप्रकाश का गला घोंट दिया।
हादसा दिखाने की रची थी नाकाम साजिश
हत्या करने के बाद आरोपी महिला ने मामले को दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची। उसने सत्यप्रकाश के शव को कार की ड्राइविंग सीट पर ले जाकर बैठा दिया ताकि पुलिस और परिजन इसे कोई हादसा या स्वाभाविक मौत समझें। हालांकि, फॉरेंसिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के कारण उसकी यह चाल असफल रही।
मोरवा पुलिस ने आरोपी महिला को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है।
