दतिया और भांडेर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध रूप से चल रहे दो सोनोग्राफी सेंटर सील

दतिया

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पीताम्बरा ईएनटी एंड अल्ट्रासोनोग्राफी सेंटर, दतिया का फर्जीवाड़ा

दतिया (HRIDAY STAMBH):दतिया जिले में स्वास्थ्य विभाग ने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नियमों का उल्लंघन करने और पंजीकरण समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से संचालित किए जा रहे दतिया और भांडेर के दो प्रमुख सोनोग्राफी सेंटरों के पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों सेंटरों की अल्ट्रासाउंड मशीनों को भी सील कर दिया है।

यह सख्त फैसला जिला सलाहकार समिति की आकस्मिक बैठक में लिया गया, जहां निरीक्षण के दौरान सामने आईं गंभीर अनियमितताओं पर मुहर लगी।

​10 जुलाई को हुआ था औचक निरीक्षण

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एवं समुचित प्राधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा के निर्देशन में मॉनिटरिंग टीम ने 10 जुलाई को जिले के दो सेंटरों पर औचक छापा मारा था

सेंटरों पर मिलीं ये गंभीर अनियमितताएं

स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग टीम जब इन सेंटरों पर पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद चौंकाने वाला था।सेंटर पर पंजीकृत चिकित्सक डॉ. एस.एस. अनुपस्थित पाए गए।डॉक्टर की अनुपस्थिति में एक टेक्नीशियन (सूरज कुमार) खुद अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित कर रहा था, जो कि पूरी तरह गैरकानूनी है।

सेंटर द्वारा अनिवार्य ‘फॉर्म-एफ’ (Form-F) नहीं भरे गए थे और 10 जुलाई की कोई एंट्री पंजीकरण रजिस्टर में नहीं थी।

पीताम्बरा ईएनटी एंड अल्ट्रासोनोग्राफी सेंटर, दतिया का फर्जीवाड़ा

इस सेंटर का सरकारी पंजीकरण 23 जून को ही समाप्त हो चुका था। रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बावजूद 4 जुलाई से 10 जुलाई तक गर्भवती महिलाओं समेत कई मरीजों की सोनोग्राफी की जाती रही।

अवैध रूप से की गई इन सोनोग्राफी जांचों का कोई भी रिकॉर्ड सेंटर पर उपलब्ध नहीं था और न ही रेफरल स्लिप पर डॉक्टर का नाम साफ लिखा था।

जिला सलाहकार समिति ने लिया कड़ा एक्शन

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला सलाहकार समिति की एक इमरजेंसी बैठक बुलाई गई। बैठक में CMHO डॉ. बी.के. वर्मा और नोडल अधिकारी डॉ. अरुण शर्मा सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर दोनों सेंटरों के लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिए गए और अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर मशीनों को सील करने की कार्रवाई को पूरा किया।

स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी: जारी रहेंगे औचक निरीक्षण

कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जिले में पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण पर पूरी तरह रोक लगाने और कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

 

Sex Determination Ban

Datia Sonography Center Sealed

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