अयोध्या
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में नया खुलासा
अयोध्या (NEWS UPDATE): राम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब देश के एक प्रतिष्ठित व्यापारी और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के उत्तर भारत प्रमुख अनुराग रस्तोगी ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर एक बेहद गंभीर और बड़ा दावा किया है।
राम मंदिर में हुई कथित वित्तीय अनियमितता की जांच इस समय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल कर रही है। इसी बीच व्यापारी अनुराग रस्तोगी ने आरोप लगाया है कि उनके और उनके संगठन द्वारा भगवान श्री राम के चरणों में दान की गई भारी मात्रा में चांदी और एक बहुमूल्य दीपक अब रिकॉर्ड या मंदिर में कहीं नहीं मिल रहे हैं।
दान में दिया गया 3 किलो चांदी का दीपक गायब
राम मंदिर चंदा गबन के मामले पर मीडिया से बात करते हुए अनुराग रस्तोगी ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर राम मंदिर के लिए एक बड़ा योगदान दिया था।
“अपने परिवार की ओर से मैंने ‘गुप्त दान’ के रूप में 3 किलो चांदी का एक भव्य दीपक भेंट किया था। नया मंदिर बनने और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद हमने उस दीपक को हर जगह ढूंढा, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। व्यापारी ने कहा कि आज भी हमें नहीं पता कि वह दीपक कहां है और किस स्थिति में है?”
34 किलो से अधिक चांदी के गबन का आरोप
अनुराग रस्तोगी ने केवल दीपक ही नहीं, बल्कि देश भर के ज्वेलर्स से इकट्ठा की गई चांदी के गायब होने का भी दावा किया है।
रस्तोगी के अनुसार, “मैंने अपने एसोसिएशन के सदस्यों से अपील की थी कि जो भी राम मंदिर के लिए दान करना चाहे, वह हमें केवल 10 ग्राम चांदी भेजे। हमारी योजना थी कि इन छोटे-छोटे दानों को इकट्ठा करके भगवान श्रीराम के चरणों में अर्पित किया जाए।”
संगठन ने इस चांदी को इसलिए इकट्ठा किया था ताकि जब नए मंदिर की नींव रखी जाए (भूमि पूजन), तो यह चांदी उस नींव का हिस्सा बने।
पहले चरण में कुल मिलाकर 34 किलो और 644 ग्राम चांदी (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार कुल करीब 40 किलोग्राम) एकत्र की गई थी, जिसे रसीद के साथ ट्रस्ट को सौंपा गया था। हालांकि, भूमि पूजन के दौरान या उसके बाद इस चांदी का कोई ठोस रिकॉर्ड या सुराग नहीं मिला।
राम मंदिर चंदा चोरी मामला: अब तक क्या हुआ?
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और आंतरिक व्यवस्था में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार एक्शन मोड में है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर ही सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है। एसआईटी अब तक कई संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है और मंदिर के सोने-चांदी व नकदी के रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है।
करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले में अनुराग रस्तोगी के दावों ने पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Ram Mandir Donation Theft Case
