डबरा ब्रेकिंग: महिला टीचर ने BAC पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप

डबरा/भितरवार

भितरवार

अधिकारी ने कहा- ‘कार्रवाई से बचने का पैंतरा’

डबरा/भितरवार: डबरा/भितरवार। भितरवार के मावठा सरकारी प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका मनीषा शिवहरे ने विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीएसी) मुकेश यादव पर परेशान करने और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

भितरवार विकासखंड से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय की महिला शिक्षिका ने विकासखंड स्रोत समन्वयक (BAC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षिका का कहना है कि अधिकारी उन्हें जानबूझकर परेशान कर रहे हैं और मामला शांत करने के लिए रिश्वत की मांग की गई है। वहीं, अधिकारी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विभागीय कार्रवाई से बचने का एक पैंतरा बताया है।

इस मामले को लेकर महिला शिक्षिका ने ग्वालियर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से लिखित शिकायत की है।

 

शिक्षिका का आरोप: “फील्ड ड्यूटी पर होने के बाद भी जानबूझकर अनुपस्थित दर्शाया”

भितरवार के मावठा सरकारी प्राइमरी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका मनीषा शिवहरे के अनुसार, वे स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों की देखरेख का अतिरिक्त सरकारी कार्य भी संभालती हैं। इस वजह से उन्हें अक्सर फील्ड और विभागीय दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

शिक्षिका ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए हैं:

जानबूझकर निरीक्षण: शिक्षिका का आरोप है कि जब भी वह सरकारी काम या फील्ड ड्यूटी के सिलसिले में बाहर होती हैं, तो बीएसी मुकेश यादव जानबूझकर स्कूल की चेकिंग करने पहुंच जाते हैं।

नोटिस में पक्षपात: 10 मार्च 2026 को सुबह सवा 10 बजे जब अधिकारी स्कूल पहुंचे, तब वहां कोई शिक्षक नहीं था। स्कूल के तीन शिक्षकों में से केवल दो को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

व्हाट्सएप पर दी थी सूचना: शिक्षिका का दावा है कि उस दिन वे बिना बताए छिरेटा और समाया स्कूल के सरकारी दौरे पर थीं, जिसकी तस्वीरें उन्होंने विभाग के ऑफिशियल वॉट्सऐप ग्रुप पर भी शेयर की थीं।

रिश्वत की मांग: आरोप है कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो मामला रफा-दफा करने के लिए उनसे 1000 रुपये की रिश्वत मांगी गई। मना करने पर 13 अप्रैल 2026 को उन्हें दोबारा नोटिस थमा दिया गया।

अधिकारी का पलटवार: “तीन बार चेकिंग में गायब मिलीं शिक्षिका, आरोप मनगढ़ंत”

दूसरी तरफ, इन गंभीर आरोपों पर विकासखंड स्रोत समन्वयक (BAC) मुकेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने शिक्षिका द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत, बेबुनियाद और मनगढ़ंत करार दिया है।

अधिकारी मुकेश यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा:

“मैंने संबंधित स्कूल का तीन बार औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया है। इन तीनों ही मौकों पर शिक्षिका अपनी ड्यूटी से नदारद (गायब) पाई गईं। ड्यूटी में इस घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते ही उनके खिलाफ नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।”

अधिकारी का साफ कहना है कि अब विभागीय कार्रवाई और अपनी गलती से बचने के लिए शिक्षिका उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं और झूठे आरोप लगा रही हैं। उन्होंने इस पूरे मामले और स्कूल की जमीनी हकीकत से अपने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित में अवगत करा दिया है।

 

MP Teacher Corruption Allegations

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