ग्वालियर में ‘EV क्रांति’ का निकला दम

ग्वालियर

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PM मोदी की अपील पर नगर निगम ने फेरा पानी, उद्घाटन के बाद धूल खा रहे लाखों के चार्जिंग स्टेशन

ग्वालियर (hriday stambh): देश को प्रदूषण मुक्त बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से अपील कर रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम के अफसरों ने पीएम मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना की हवा निकाल दी है।

ग्वालियर नगर निगम ने लाखों रुपए खर्च कर शहर में EV चार्जिंग स्टेशन तो बना दिए, लेकिन उद्घाटन का ढोंग रचने के बाद अब वे खुद ही इन्हें भूल चुके हैं। धरातल पर सुपरफ्लॉप साबित हो रही यह योजना सिर्फ सरकारी फाइलों में ही दौड़ रही है।

 

उद्घाटन के बाद ताले में बंद हुए स्टेशन

ग्वालियर को स्मार्ट सिटी और ई-व्हीकल फ्रेंडली बनाने के दावे के साथ लाखों रुपए की लागत से शहर के प्रमुख चौराहों और पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए थे। बड़े तामझाम और नेताओं की मौजूदगी में इनका उद्घाटन भी कर दिया गया ताकि वाहवाही लूटी जा सके।

लेकिन उद्घाटन की तस्वीरें खिंचवाने के बाद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इन स्टेशनों की सुध लेना ही भूल गए। आज स्थिति यह है कि कई स्टेशनों पर ताले लटके हैं, तो कई देखरेख के अभाव में कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं।

सिर्फ फाइलों में दौड़ रही ‘ईवी क्रांति’

कागजों पर ग्वालियर नगर निगम ईवी क्रांति को लेकर बड़ी-बड़ी उपलब्धियां गिना रहा है, लेकिन हकीकत में वाहन चालक चार्जिंग के लिए परेशान हो रहे हैं। जिन लोगों ने पीएम मोदी की अपील से प्रेरित होकर या पर्यावरण की चिंता करते हुए लाखों रुपए खर्च कर इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदीं, वे अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

शहर में चार्जिंग पॉइंट चालू न होने की वजह से लोग बीच सड़क पर गाड़ियां बंद होने के डर से सफर करने को मजबूर हैं।

जनता में भारी आक्रोश

पीएम मोदी की ग्रीन एनर्जी मुहिम को पलीता लगाने वाले ग्वालियर नगर निगम के इस रवैये से स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार प्रदूषण कम करने के लिए डीजल-पेट्रोल गाड़ियों के विकल्प के रूप में EV को प्रमोट कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर बुनियादी ढांचा ही ठप पड़ा है। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारियों की नींद कब टूटती है और इन बंद पड़े चार्जिंग स्टेशनों को कब चालू किया जाता है।

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