नीमच
नीमच में दहेज और बेटी जन्म देने पर प्रताड़ना का आरोप, पुलिस पर भी निष्क्रियता के गंभीर सवाल
प्रदेश के नीमच जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला को उसके पति और ससुराल पक्ष द्वारा कथित रूप से जहर देकर मारने की कोशिश की गई। आरोप है कि महिला का “कसूर” सिर्फ इतना था कि उसने बेटे की बजाय बेटी को जन्म दिया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, देपालपुरा क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय विवाहिता किरण (पति दीपक बंजारा) ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किरण का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जाता रहा और बेटी के जन्म के बाद अत्याचार और बढ़ गए।
जबरदस्ती खिलाया गया जहर
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह उसकी सास कंकु बाई ने खाने में जहर मिलाकर उसे जबरन खिला दिया। खाना खाने के कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग उसे मनासा अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए।
अस्पताल में प्राथमिक जांच के दौरान महिला को जहर दिए जाने की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां वह फिलहाल ICU में भर्ती है और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है।
बेटी के जन्म के बाद बढ़ी प्रताड़ना
किरण ने बताया कि उसकी शादी को चार साल हो चुके हैं और उसकी 6 महीने की एक बेटी है। बेटी के जन्म के बाद से ससुराल पक्ष उसे लगातार ताने देता था और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। इतना ही नहीं, पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी बच्ची को भी ससुराल पक्ष ने अपने पास रख लिया है।
पुलिस पर भी उठे सवाल
पीड़िता ने मनासा पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पहले भी शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब इस घटना के बाद मायके पक्ष ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समाज पर सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और बेटियों के प्रति भेदभाव की कड़वी हकीकत को उजागर करती है। सवाल यह है कि आखिर कब तक बेटियों को बोझ समझा जाता रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कब होगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और महिला का इलाज जारी है।

