पुलिस पर अपराधियों से सांठगांठ और प्रेस की स्वतंत्रता के हनन का गंभीर आरोप
दतिया। जिले के इंदरगढ़ थाना पुलिस की कार्यप्रणाली और पत्रकारों के प्रति उनके कथित नकारात्मक रवैये को लेकर आज पत्रकारों का आक्रोश फूट पड़ा। इंदरगढ़ पुलिस द्वारा पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन करने और खबरों को लेकर अनावश्यक दबाव बनाने के विरोध में आज जिले के पत्रकारों ने एकजुट होकर जनसंपर्क अधिकारी (PRO) को मुख्यमंत्री और दतिया कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
अपराधियों के इशारे पर काम करने का आरोप
ज्ञापन सौंपने आए पत्रकारों ने इंदरगढ़ पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस की अपराधियों के साथ सीधी सांठगांठ है।
पत्रकारों का कहना है कि:
1.पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय अपराधियों के इशारे पर काम कर रही है।
2.सच्चाई दिखाने वाले पत्रकारों को डराने और उन पर खबरों को दबाने के लिए अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।
3.क्षेत्र में पनप रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के बजाय पुलिस प्रेस की आवाज को कुचलने में जुटी है।
“जब लोकतंत्र का प्रहरी ही सुरक्षित नहीं रहेगा और उसे सच लिखने से रोका जाएगा, तो समाज में न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है? इंदरगढ़ पुलिस का व्यवहार तानाशाही पूर्ण है।” — स्थानीय पत्रकार समूह
निष्पक्ष जांच की मांग
पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि इंदरगढ़ पुलिस के इस रवैये की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि प्रेस बिना किसी भय के अपना कार्य कर सके।
जनसंपर्क अधिकारी ने ज्ञापन लेते हुए आश्वासन दिया है कि इसे उचित माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय और कलेक्टर तक पहुँचाया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
