ट्रंप की ‘होर्मुज ब्लॉकेड’ की धमकी के बीच पुतिन का ईरान को खुला समर्थन
मास्को/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई कूटनीतिक बातचीत के विफल होने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान का हाथ थाम लिया है। पुतिन ने न केवल ईरान को सुरक्षा का भरोसा दिया है, बल्कि एक ऐसा प्रस्ताव भी रखा है जो पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा सकता है।
मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के विफल होने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के पक्ष में खड़े होकर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉकेड करने यानी पूरी तरह से बंद करने की धमकी दी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए ‘लाइफलाइन’ माना जाता है। ट्रंप का यह बयान इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद आया है।
पुतिन का मास्टरस्ट्रोक: ‘एनरिच्ड यूरेनियम’ का ऑफर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बात कर शांति के लिए हर संभव मदद का वादा किया। इस बातचीत में सबसे अहम बिंदु ‘एनरिच्ड यूरेनियम’ रहा। पुतिन ने संकेत दिया कि:
रूस किसी भी शांति समझौते के तहत ईरान का संवर्धित यूरेनियम अपने पास रखने को तैयार है। इसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को कम करना और क्षेत्र में तनाव घटाना है।
रूस ने क्यों की ट्रंप की आलोचना?
रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने डोनाल्ड ट्रंप की ‘होर्मुज ब्लॉकेड’ की धमकी को गैर-जिम्मेदाराना बताया। रूस के विरोध के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर: होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो सकती है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो जाएगा।
2. व्यापार में बाधा: फरवरी के बाद से अमेरिका और इजराइल के ऑपरेशन्स के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पहले ही प्रभावित है, ऐसे में ब्लॉकेड व्यापारिक कमर तोड़ देगा।
3. परमाणु शक्ति का संतुलन: दुनिया के सबसे बड़े परमाणु हथियार भंडार वाले देश रूस का यह कदम अमेरिका को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
