दतिया
फल विक्रेताओं ने विधायक से लगाई गुहार
दतिया (HRIDAY STAMBH): इंदरगढ़ नगर में प्रशासनिक अमले द्वारा मुख्य मार्गों और बाज़ारों से फल-सब्जी के ठेले हटाए जाने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के की गई इस कार्रवाई से फल विक्रेताओं के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासनिक सख्ती से आक्रोशित व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विधायक से मुलाकात कर राहत देने और न्याय की गुहार लगाई है।
यातायात व्यवस्था या आजीविका पर प्रहार?
नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि नगर के मुख्य चौराहों और बाज़ारों में ठेले खड़े रहने के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित होती है। आम जनता और वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया गया था।
दूसरी ओर, पीड़ित विक्रेताओं का तर्क है कि वे वर्षों से इन्हीं स्थानों पर फल-सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बिना किसी चिन्हित ‘वेंडिंग ज़ोन’ (Vending Zone) की व्यवस्था किए अचानक ठेले हटा देने से उनका व्यापार ठप पड़ गया है। दैनिक फल और सब्जियां सड़ने की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विधायक से लगाई गुहार, रखीं 3 प्रमुख मांगें
अपनी समस्याओं को लेकर एकजुट हुए फल और सब्जी विक्रेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक से मिलने पहुंचा। विक्रेताओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए मांग की है कि उन्हें किसी उचित स्थान पर व्यवस्थित वेंडिंग ज़ोन बनाकर स्थान आवंटित किया जाए, जब तक स्थाई व्यवस्था नहीं होती, तब तक उन्हें वैकल्पिक रूप से व्यापार करने की अनुमति दी जाए। प्रशासन द्वारा उन पर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
मुद्दे पर गरमाई स्थानीय राजनीति
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के बाद इंदरगढ़ की राजनीति गर्मा गई है। विपक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका छीनना अनुचित है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विधायक ने विक्रेताओं को आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों और नगर परिषद प्रबंधन से संवाद करेंगे। प्रयास यह रहेगा कि शहर की यातायात व्यवस्था भी सुचारू रहे और छोटे व्यापारियों के रोजगार की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
