जब स्कूल में नहीं मिले बच्चे तो खेतों में अभिभावकों से मिलने पहुंच गईं DEO कविता त्रिपाठी

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सिंगरौली

जब कक्षाओं में कम मिले बच्चे, तो सीधे खेतों में अभिभावकों को समझाने पहुंच गईं जिला शिक्षा अधिकारी

सिंगरौली (NEWS UPDATE):जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कविता त्रिपाठी की एक अनोखी पहल की तस्वीर सामने आई है। देवसर विकासखंड के अंतर्गत स्कूलों में औचक निरीक्षण के दौरान जब कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति कम मिली, तो DEO मैडम सीधे गांव के खेतों में काम कर रहे अभिभावकों के बीच पहुंच गईं।

देवसर विकासखंड के स्कूलों का किया औचक निरीक्षण

जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने देवसर क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक विद्यालय नया टोला (बरका), शासकीय हाई स्कूल पिपरी और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरका का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में शैक्षणिक गतिविधियों और बच्चों की उपस्थिति का जायजा लिया। कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों से हिंदी व गणित के सवाल पूछे और ब्लैकबोर्ड पर हल करवाए। पठन-पाठन का स्तर संतोषजनक पाए जाने पर शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की ,खराब मिले ब्लैकबोर्ड को तत्काल बदलने के सख्त निर्देश जारी किए।

खेतों में पहुंचकर अभिभावकों को दी समझाइश

निरीक्षण के दौरान स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम दर्ज की गई। इस पर अधिकारियों को डांटने या केवल कागजी कार्रवाई करने के बजाय, DEO कविता त्रिपाठी स्वयं खेतों की ओर निकल पड़ीं।

खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों और अभिभावकों से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने बच्चों को रोज स्कूल भेजने का आग्रह किया। उन्होंने समझाया कि नियमित उपस्थिति से ही बच्चों का भविष्य सुधर सकता है। अधिकारियों की इस सहजता से प्रभावित होकर अभिभावकों ने भी बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने का भरोसा दिया।

सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ

DEO कविता त्रिपाठी की इस जमीनी कार्यशैली का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लोग प्रशासनिक अधिकारी के इस संवेदनशील और समर्पित रुख की सराहना कर रहे हैं, जो केवल दफ्तरों या निरीक्षण तक सीमित न रहकर शिक्षा के प्रति वास्तविक जागरूकता फैलाने जमीन पर उतरे हैं।

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