सीएमएचओ ने काम में लापरवाही पर पलायछा एएनएम को किया निलंबित

ग्वालियर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भितरवार का सीएमएचओ ने किया औचक निरीक्षण

आशा कार्यकर्ता को नोटिस दिया

भितरवार

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देशन में स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में
17जुलाई शुक्रवार को प्रातः 11:00 बजे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एस.सागर ने उप स्वास्थ्य केन्द्र पलायक्षा, विकासखण्ड भितरवार का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान आकांक्षा जाटव, ए.एन.एम. अपने कर्तव्य स्थल उप स्वास्थ्य केन्द्र पलायक्षा से अनाधिकृत रूप अनुपस्थित मिली, शासन द्वारा निर्धारित ग्राम में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) महत्वपूर्ण कार्यदिवस भी था। जिसमें ग्राम के आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ दिये जाने हेतु गर्भवती महिलाओं / बच्चों आदि को वेक्सीन व अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया करायी जानी होती है , श्रीमती आकांक्षा जाटव के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित होने के कारण बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एम.एस. सागर ने इसे गम्भीरता से लेते हुए मीनाक्षी जाटव को अपने
पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता बरतने एवं शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा अधिनियम के तहत आकांक्षा जाटव, ए.एन.एम. को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही निलंबन अवधि में मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हस्तिनापुर ग्वालियर किया गया है निलंबन अवधि में नियमानुसार, जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी ,भ्रमण के दौरान ग्राम पलायक्षा की आशा/आंगनवाडी कार्यकर्ता भी अनुपस्थित मिली, जिस पर आशा कार्यकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
पलायक्षा के बाद डॉक्टर एम. एस. सागर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भितरवार पहुंचे जहां उन्होंने अस्पताल में मरीजों की काफी संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर को अस्पताल के विस्तार का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए, अस्पताल भ्रमण के दौरान उन्होंने लेवर रुम व्यवस्थित करने के निर्देश दिए, साथ ही प्रोटोकॉल के अनुसार लेवर रुम के अलावा अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं आमजन को देने के निर्देश प्रभारी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अजय चंद्रावत को दिए। साथ ही उपस्थित चिकित्सकों को मरीज को ओपीडी समय में बेहतर से बेहतर सुविधाओं के साथ इलाज देने के निर्देश दिए। इससे पूर्व श्री सागर के द्वारा पूरे अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया जिसमें उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, उपचार कक्ष, दवा वितरण व्यवस्था सहित अन्य विभागों का निरीक्षण किया।

बंद ओटी को चालू करने की मांग

सामुदायिक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्री सागर को स्थानीय लोगों के द्वारा बताया गया कि गर्भवती प्रसूता महिलाओं को गंभीर समस्या होने की स्थिति में यहां से 60 से 70 किलोमीटर ग्वालियर के लिए रेफर किया जाता है जबकि यहां लगभग दो माह पूर्व संपूर्ण व्यवस्थाओं के साथ ओटी का संचालन कर दिया गया था लेकिन एक ऑपरेशन करने के बाद उसे 2 महीने से बंद कर रखा है। जिसे चालू कराया जाए। जिस पर श्री सागर ने बताया कि ओटी संचालन के लिए पर्याप्त स्थल नहीं है जिसके कारण उसका संचालन नहीं हो पा रहा है लेकिन शीघ्र ही हम व्यवस्था बना रहे हैं और आने वाले दिनों में महिलाओं को गंभीर समस्या होने पर दूर दराज शहर में न जाना पड़े उसकी व्यवस्था ओटी शुरू कराकर करेंगे। वहीं उन्होंने साफ सफाई और अन्य सुविधाओं को लेकर आवश्यक निर्देश अधिनस्थ स्टाफ और बीएमओ को दिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *