शिवपुरी
जिले के करैरा नायब तहसीलदार न्यायालय में शासकीय एवं न्यायालयीन कार्य के दौरान बाधा और आत्मदाह की धमकी से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद करैरा तहसील के समस्त कर्मचारी सामूहिक धरने पर बैठ गए। विरोध के चलते पूरे तहसील परिसर में कामकाज पूरी तरह बंद रहा और विभिन्न शाखाओं के कार्यालयों पर ताले लटके नजर आए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम थनरा के एक बटवारा प्रकरण की सुनवाई के दौरान विवाद की स्थिति बनी थी। इस संबंध में प्रवाचक लोकेंद्र श्रीवास्तव की रिपोर्ट पर पुलिस थाना करैरा में कमल किशोर ब्राह्मण और घनश्याम पाठक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 132, 296(ए) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।
कर्मचारियों का आरोप है कि सुनवाई के दौरान हंगामा, गाली-गलौज और पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश जैसी घटनाओं से वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में गंभीर अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इसी मांग को लेकर कर्मचारी सुबह से ही तहसील परिसर में एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक न्यायालयीन कार्य के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक नियमित कार्य प्रारंभ नहीं किया जाएगा।
धरने के चलते नामांतरण, बटवारा, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, राजस्व प्रकरणों की सुनवाई सहित सभी सेवाएं प्रभावित रहीं। दूर-दराज के गांवों से आए किसान और आमजन घंटों भटकते रहे। कई लोग सुबह से लाइन में लगे थे, लेकिन कार्यालय बंद मिलने पर निराश होकर लौटना पड़ा।
धरना दे रहे कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील स्तर पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए, संवेदनशील मामलों की सुनवाई के दौरान अनिवार्य रूप से पुलिस बल तैनात किया जाए तथा प्रवेश व्यवस्था को सख्त बनाया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि सुरक्षा सुनिश्चित होने पर ही कार्य सुचारू रूप से शुरू किया जा सकेगा, ताकि आमजन को भविष्य में असुविधा का सामना न करना पड़े।
