डबरा
पिछोर तिराहा दुकान हटाने की मांग, अमोला आंदोलन दोहराने की दी चेतावनी
डबरा के पिछोर तिराहे पर संचालित शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय महिलाओं और नागरिकों का गुस्सा अब आंदोलन का रूप ले चुका है। शिवपुरी जिले के बहुचर्चित ‘अमोला आंदोलन’ की तर्ज पर डबरा में भी महिलाओं ने शराब के इस अड्डे को हटाने के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को वार्ड क्रमांक 2, 3 और 7 के अंतर्गत आने वाले मोहल्लों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष लामबंद होकर सड़कों पर उतरे और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। नागरिकों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए साफ कर दिया कि यदि रिहाइशी और मुख्य आवागमन वाले इलाके से इस शराब दुकान को तुरंत स्थानांतरित नहीं किया गया, तो क्षेत्र की महिलाएं उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम करने के लिए विवश होंगी।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि शराब दुकान के चलते क्षेत्र के दर्जनों परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं। घरों के पुरुष सदस्य दिनभर की मजदूरी और मेहनत की कमाई शराब में उड़ा देते हैं, जिससे परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राशन और घर के जरूरी सामान के लाले पड़ रहे हैं, वहीं पैसों के अभाव में बच्चों की स्कूल की फीस तक नहीं भरी जा पा रही, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
इसके साथ ही, पिछोर तिराहे जैसी व्यस्त जगह पर दुकान स्थित होने के कारण दिन-रात नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। दुकान के आसपास से गुजरने वाली महिलाओं, युवतियों और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं को आए दिन नशेड़ियों की फब्तियों, अश्लील टिप्पणियों और असामाजिक गतिविधियों का सामना करना पड़ता है। भय के इस माहौल के कारण महिलाओं का घर से बाहर निकलना तक दूभर हो चुका है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के कारण अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, महिला सुरक्षा और स्थानीय परिवारों के हित में इस दुकान को जल्द से जल्द किसी अन्य स्थान पर नहीं भेजा गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और स्थानीय प्रशासन की होगी।
