Johnson & Johnson Settlement: पाउडर से कैंसर का दावा! 76 हजार केस निपटाने के लिए ₹52,000 करोड़ देने को तैयार कंपनी

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लॉस एंजिल्स 

लॉस एंजिल्स (NEWS UPDATE):अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) ने बेबी पाउडर से ओवेरियन कैंसर होने के दावों वाले 76 हजार मुकदमों को खत्म करने के लिए ₹52,000 करोड़ ($5.5 बिलियन) देने की पेशकश की है।

जॉनसन एंड जॉनसन का ऐतिहासिक समझौता प्रस्ताव

अमेरिकी मल्टीनेशनल हेल्थकेयर दिग्गज जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) पिछले करीब 17 सालों से चल रहे सबसे बड़े कानूनी विवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने अपने टैल्क-बेस्ड उत्पादों से कैंसर होने के आरोपों का सामना कर रहे लगभग 76,000 मुकदमों को सुलझाने के लिए 5.5 बिलियन डॉलर (करीब 52 हजार करोड़ रुपये) चुकाने की पेशकश की है।

यदि यह प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है, तो यह कॉस्मेटिक और हेल्थकेयर सेक्टर का सबसे बड़ा सेटलमेंट माना जाएगा।

2009 से चल रहा है विवाद: जानिए क्या है मुख्य आरोप?

जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ कानूनी लड़ाई साल 2009 के आसपास शुरू हुई थी। अमेरिका में हजारों महिलाओं और उनके परिवारों ने अदालतों में याचिका दायर कर दावा किया था कि कंपनी के प्रसिद्ध बेबी पाउडर और टैल्कम प्रोडक्ट्स का लंबे समय तक इस्तेमाल करने की वजह से उन्हें ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer) और मेसोथेलियोमा जैसी गंभीर बीमारियां हुईं।

ग्राहकों का मुख्य आरोप यह था कि पाउडर में इस्तेमाल होने वाले खनिज ‘टैल्क’ में एस्बेस्टस (Asbestos) मिला हुआ था, जो एक ज्ञात कैंसरकारक तत्व (Carcinogen) है।

 

क्या होता है टैल्क और क्यों पैदा हुआ खतरा?

टैल्क (Talc) यह मैग्नीशियम, सिलिकॉन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन से बना एक प्राकृतिक खनिज है। नमी को सोखने और त्वचा को मुलायम रखने के कारण इसका इस्तेमाल लंबे समय से बेबी पाउडर और कॉस्मेटिक्स में किया जाता रहा है।

एस्बेस्टस (Asbestos) का कनेक्शन

जमीन के नीचे टैल्क की खदानें अक्सर एस्बेस्टस के जमावड़े के करीब पाई जाती हैं। यदि खनन के दौरान सही प्रक्रिया न अपनाई जाए, तो टैल्क में एस्बेस्टस के कण मिल सकते हैं। सांस के जरिए या लंबे समय तक त्वचा के संपर्क में आने से एस्बेस्टस कैंसर का खतरा पैदा करता है।

95% दावेदारों की सहमति आवश्यक

कंपनी के लिटिगेशन मामलों के वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास के अनुसार, जॉनसन एंड जॉनसन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुए हैं। हालांकि, बार-बार की अदालती कार्यवाहियों से बचने और मुख्य हेल्थकेयर मिशन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कंपनी समझौते का रास्ता चुन रही है।

इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए ओवेरियन कैंसर के लगभग 95% मुकदमों का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्मों और दावेदारों की सहमति की आवश्यकता होगी।

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