ग्वालियर
निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता पर सवाल? ग्वालियर में एलिवेटेड रोड का गर्डर गिरा
शहर में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड परियोजना पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब गुरुवार दोपहर खेड़ापति कॉलोनी क्षेत्र में पुल का एक बड़ा गर्डर अचानक गिर गया। अभी परियोजना का शुभारंभ भी नहीं हुआ है, ऐसे में निर्माण के दौरान ही इस तरह की घटना ने गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और संभावित भ्रष्टाचार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
35 फीट लंबा गर्डर गिरा, मजदूर घायल
जानकारी के अनुसार खेड़ापति मंदिर के पास करीब 35 फीट लंबा सीमेंट का गर्डर सेट किया जा रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह नीचे नाले में जा गिरा। हादसे के दौरान तेज धमाका हुआ, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना में एक मजदूर घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गुणवत्ता पर उठे सवाल, जिम्मेदारी तय करने की मांग
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि जब निर्माण के दौरान ही गर्डर गिर रहा है, तो भविष्य में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। विपक्ष ने भी इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
1300 करोड़ की परियोजना पर संदेह की छाया
यह एलिवेटेड रोड परियोजना करीब 1300 करोड़ रुपए की लागत से आगरा की पीएनसी कंपनी द्वारा निर्मित की जा रही है और इसे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है। ऐसे में शुरुआती चरण में ही सामने आई यह घटना पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और निगरानी तंत्र पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
मंत्री बोले—निष्पक्ष जांच होगी, दोषियों पर कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह गंभीर घटना है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल
कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि यह मार्ग आम आवागमन का है। भले ही कार्य के चलते इसे बंद किया गया था, लेकिन यदि रास्ता खुला होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और निगरानी की कमी पर सवाल उठाए।
बड़ा हादसा टला, लेकिन चेतावनी स्पष्ट
अधिकारियों के अनुसार जिस स्थान पर गर्डर गिरा, वह मार्ग पहले से बंद था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बावजूद इसके यह घटना निर्माण कार्य में बरती जा रही सावधानियों और गुणवत्ता नियंत्रण की पोल खोलती नजर आ रही है।
