दतिया
27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई है। हालांकि,सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद ही उन्हें जमानत भी मिल गई।
न्यायालय ने इस मामले में आपराधिक साजिश (धारा 120बी) एवं धोखाधड़ी और जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) के तहत दोष सिद्ध माना है। मामले में सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।
इस फैसले के बाद विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जानकारों के अनुसार, सजा के चलते उनकी विधानसभा सदस्यता पर प्रभाव पड़ सकता है और इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
हालांकि, अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील के लिए 60 दिनों का समय उपलब्ध है, जिसके तहत वे कानूनी राहत लेने का प्रयास कर सकते हैं।पुराने मामले में आए इस निर्णय के बाद दतिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
