भितरवार
सूचना के बाद से श्योपुर की ट्रैकिंग टीम पहुंची मौके पर कर रही है निगरानी
भितरवार (हृदय स्तंभ/HRIDAY STAMBH)। भितरवार विकासखंड की ग्राम पंचायत देवगढ़ में मंगलवार की सुबह ग्राम पंचायत की वन ग्राम पहाड़ी में मोहनगढ़ इत्यादि ग्रामों के लिए सड़क मार्ग से निकलने वाले लोगों को चीता दिखाई दिया। इसके बाद से आने- जाने वाले लोगों से लेकर ग्राम के लोगों में दहशत का वातावरण उत्पन्न हो गया है। तो वही सूचना लगने के बाद वन विभाग श्योपुर की ट्रैकिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई है जो सुबह से ही चीता के हर मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल तेज धूप के कारण चीता वन ग्राम पहाड़ी पर ग्राम पंचायत द्वारा लगाए गए पेड़ों की छांव में अपना पड़ाव डाले हुए हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीण इस बात की दहशत में है की कहीं शाम को मौसम ठंडा होने के बाद कोई अनहोनी घटना घटित न कर दे।
मंगलवार की सुबह तकरीबन 9:00 बजे के लगभग ग्राम देवगढ़ स्थित पहाड़ी के समीप से निकले सड़क मार्ग से विभिन्न ग्रामों के निकलने वाले लोगों को पहाड़ी पर बने ग्राम पंचायत के वन ग्राम में चीता दिखाई दिया तो उन्होंने इसकी सूचना ग्राम वासियों को और पुलिस प्रशासन को दी। सूचना लगने के बाद पुलिस प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को पहाड़ी की ओर न जाने के लिए सर्तक किया। इसके साथ ही कूनो अभ्यारण श्योपुर की ट्रैकिंग टीम को भी सूचना लगी तो वह भी मौके पर पहुंची। हालांकि दोपहर के समय वन ग्राम पहाड़ी के एक छोर से दूसरे छोर तक विचरण करता रहा। भीषण गर्मी और तेज धूप से बचने के लिए पहाड़ी पर लगे वन ग्राम के वृक्षों की छाया में दिनभर चीता ने अपना डेरा जमाए रखा। तो वहीं ट्रैकिंग टीम के द्वारा भी अपना डेरा जमा लिया है और वह चीता के हर मूवमेंट्स पर नजर रखे हुए हैं।
ग्रामीणों में है दहशत का माहौल
बता दें कि देवगढ़ गांव की पहाड़ी को ग्राम पंचायत द्वारा मोहनगढ़ इत्यादि ग्रामों के लिए जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग के हिस्से पर वन ग्राम पहाड़ी बनाया गया है। जहां मंगलवार की सुबह से श्योपुर के कूनो अभ्यारण का भटकता हुआ एक चीता पहुंच गया है जिसकी वजह से अन्य ग्रामों के लिए आवागमन करने वाले लोगों के साथ ही ग्राम के लोगों में दहशत और बका वातावरण उत्पन्न हो गया है। वहीं देखा जाए तो पहाड़ी के दूसरी ओर ग्राम का पूरा रिहायशी इलाका है और ग्राम के लोग अक्सर पहाड़ी के ऊपर बने किले पर और वन ग्राम के पास बने शंकर जी के मंदिर पर अक्सर आया जाया करते थे, लेकिन चीता की दस्तक के बाद से सभी लोग दहशतगर्द हो गए हैं। यहां तक की ग्रामीणों ने अपने पहाड़ी इत्यादि के आसपास रोजाना चरने के लिए जाने वाले मवेशी गाय, भैंस, बकरी इत्यादि को भी नहीं खोला और उन्हें अपने घरों पर ही सुरक्षित बांधे रखा।
ट्रैकिंग टीम ने ग्रामीणों से की अपील
पहाड़ी के वन ग्राम में चीता होने की जानकारी लगने के बाद स्थानीय ग्रामीण और आसपास के क्षेत्र के काफी लोग पहाड़ी के आसपास एकत्रित हो गए हैं। जिसका शोरगुल सुनकर चीता पहाड़ी के लगे वृक्षों के भीतर ही अपना मूवमेंट्स बनाए हुए हैं। वही ट्रैकिंग टीम के द्वारा लोगों के हो रहे शोरगुल को बंद करने के लिए लोगों से अपील की गई है कि वह यहां से निकल जाए जिससे कि आसानी से चीता भी बाहर आ सके और वह अपने आगे की मूवमेंट्स पर जा सके। जिसको लेकर टीम के द्वारा पहाड़ी क्षेत्र के यहां से लोगों को देर शाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही लोगों को सत्य हिदायत दी गई है कि वह अकेले- दुकेले घरों से बाहर न निकले, बच्चों को भी सुरक्षित घरों में रखें। पहाड़ी के दूसरे हिस्से से अगर गांव की ओर मूवमेंट्स करें तो तत्काल इसकी सूचना हमें दें, जिससे कि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना घटित न हो और उससे पहले ही चीता का रेस्क्यू किया जा सके। साथ ही संभावना व्यक्ति की गई है कि दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवा चल रही थी अब जैसे ही मौसम ठंडा होगा वह सुरक्षित जंगल की ओर मूवमेंट करेगा।
इनका कहना है,
सुबह के समय पहाड़ी पर बने शंकर जी के मंदिर के पास लगे पेड़ों के यहां चीता देखा गया है तभी से पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। जानकारी लगने के बाद तत्काल प्रशासन को अवगत कराया गया और टीम अभी भी पेड़ों में छुपे चीता की निगरानी कर उसके हर मूवमेंट्स पर नजर रखे हुए हैं।
बलवंत सिंह कुशवाहा -ग्रामीण देवगढ़
जानकारी लगने के बाद कूनो अभ्यारण की श्योपुर वाली ट्रैकिंग टीम मौके पर आ गई है और वह पूरी तरह से चीता की निगरानी कर रही है। पहाड़ी या किले पर के साथ सड़क मार्ग पर जाने से लोगों को रोक दिया गया है। संभावना है सांझ ढलने के बाद वह सुरक्षित जंगल की ओर पलायन कर जाएगा।
घनश्याम चतुर्वेदी डिप्टी रेंजर वन परिक्षेत्र मोहना
