मुख्य सचिव की दो टूक: “हर जिला अपनी अर्थव्यवस्था विकसित करे, अपराधियों में प्रशासन का खौफ दिखना चाहिए”

राज्य

भोपाल

कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, कानून व्यवस्था, निवेश, कृषि और स्वच्छता पर सख्त निर्देश

जनसुनवाई में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने, अवैध खनन और अपराध पर कठोर कार्रवाई के आदेश

भोपाल, 27 मई 2026। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि हर जिला अपनी अलग आर्थिक पहचान और मजबूत स्थानीय अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में गंभीर प्रयास करे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।

बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कानून व्यवस्था, राजस्व प्रकरण, सीएम हेल्पलाइन, स्वच्छता, कृषि, निवेश, उद्योग, सड़क सुरक्षा और नगरीय विकास सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अपराधियों में शासन-प्रशासन का खौफ होना चाहिए”

मुख्य सचिव ने अवैध गतिविधियों और अपराधों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अपराधियों में शासन-प्रशासन का डर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि बिना नंबर प्लेट और फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहनों को राजसात कर शीघ्र नीलाम किया जाए।

उन्होंने पुराने खनन अपराधों की फाइलें निकालकर समीक्षा करने और लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई कर दोषियों को सजा दिलाने के निर्देश भी दिए। वहीं डीजीपी श्री मकवाना ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ड्रग फ्री जोन बनाने, पॉक्सो एक्ट मामलों में त्वरित कार्रवाई और विस्फोटक अधिनियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई औपचारिकता नहीं, संवेदनशीलता का माध्यम बने”

मुख्य सचिव ने कहा कि लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई सुशासन के सबसे महत्वपूर्ण पैमाने हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के प्रकरण समय-सीमा में निपटाए जाएं और कोई भी मामला लंबित न रहे।

उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और उसका संतुष्टिपूर्ण समाधान किया जाए। पेयजल शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सीएम हेल्पलाइन के शत-प्रतिशत प्रकरण अटेंड करने के निर्देश भी दिए गए।

खरीफ सीजन और किसानों पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए खाद, बीज और उर्वरक के पर्याप्त भंडारण पर संतोष जताया। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद वितरण ई-विकास पोर्टल से हो और वितरण केंद्रों पर भीड़ या लंबी लाइनें न लगें।

डीएपी के स्थान पर एनपीके उर्वरक को बढ़ावा देने, नरवाई जलाने की घटनाएं कम करने और किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही उपार्जित गेहूं को बारिश से सुरक्षित रखने और किसानों को एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।

उद्योग और कृषि के समन्वय से बढ़ेगी जिला अर्थव्यवस्था

मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि कृषि, उद्यानिकी और उद्योगों के बेहतर समन्वय से जिले आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं। उन्होंने कलेक्टरों को कृषि आधारित उद्योगों, कोल्ड स्टोरेज और खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की जीएसडीपी में कृषि और उद्यानिकी का योगदान 37 प्रतिशत से बढ़कर 43 प्रतिशत हो गया है। साथ ही “एक जिला-एक उत्पाद” योजना के तहत दूसरा उत्पाद चयनित करने और शेष विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

स्वच्छता, जल संरक्षण और सड़क सुरक्षा पर जोर

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्वच्छता संबंधी सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने और “नेशनल ई-क्लीन प्रोग्राम” को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठक, ब्लैक स्पॉट सुधार और सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों की सहायता के लिए राहत योजनाओं के संवेदनशील क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।

ग्वालियर से जुड़े अधिकारी भी रहे मौजूद

ग्वालियर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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