नगर स्थित शासकीय विजयाराजे सिंधिया महाविद्यालय की स्थापना हुए दशकों बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक महाविद्यालय में शुरुआत के ही पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिसके कारण दूसरे पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए दतिया जाना पड़ रहा है। शासकीय महाविद्यालय में बीए और बीएससी एवं एम.ए. के अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र की ही कक्षाएं संचालित हो रही हैं, पाठ्यक्रम को बढ़ाया नहीं गया है। इससे विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार महाविद्यालय में वतर्मान में लगभग सैकड़ों छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र सालोन ए, बिछोदना, पण्डोखर, गोंदन, सोहन, दुरसडा, नैगुवा, भलका, सालोन बी, उडी, उडीना, कामद तक के निवासी छात्र-छात्राएं यहां पर अध्ययन करने आते हैं। इसके बाद भी पाठ्यक्रम विस्तार नहीं किया गया है। यहां पढऩे वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग के हैं। छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में अधिक है।
न एमएससी है और न ही पूर्ण पीजी कक्षाएं – शासकीय महाविद्यालय में एमएससी पाठ्यक्रम का अभाव है। इसके अलावा स्नातकोत्तर में अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र को छोड़कर अन्य पाठ्यक्रम भी संचालित नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण अधिकांश छात्र-छात्राओं को दतिया व अन्य स्थान पर जाना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान के साथ आवाजाही की परेशानी उठानी पड़ रही है। नगर के नागरिकों, समाजसेवियों ने पाठ्यक्रम बढ़ाने की माँग की है।
