श्योपुर
मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर चल रहे हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुकेश मल्होत्रा को राहत दी है। कोर्ट ने उनकी विधायकी बरकरार रखते हुए एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें भाजपा नेता रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में मल्होत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने मजबूत पक्ष रखा, जिसके बाद जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की डबल बेंच ने यह अहम निर्णय सुनाया।
हालांकि कोर्ट ने मल्होत्रा को फिलहाल विधायक बने रहने की अनुमति दी है, लेकिन अंतिम फैसले तक कुछ सख्त पाबंदियां भी लगाई गई हैं। वे राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे, यानी जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव में उनका वोट नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन और भत्तों पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं विधायक निधि को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को तय की गई है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने चुनाव के दौरान आपराधिक प्रकरण छिपाने के आरोप में मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त कर दिया था और रामनिवास रावत को विजेता घोषित किया था। इसके बाद मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से अब उन्हें बड़ी राहत मिली है।
