लापरवाही की हदें पार: फोन करने पर भी नहीं पहुंची एंबुलेंस, टमटम में ही महिला का हुआ प्रसव

डबरा/भितरवार

भितरवार

भितरवार में बड़ी लापरवाही जननी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस के संचालन को लेकर सामने आई है। फोन करने के बाद भी न तो एंबुलेंस पहुंची न संबंधित को कॉल सेंटर से कोई आश्वासन दिया गया। तब तक 1 घंटे का इंतजार करने के बाद जब 108 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस नहीं मिली तो एक महिला को संस्थागत प्रसव के लिए भितरवार के सामुदायिक अस्पताल के लिए लाते समय से टमटम में ही डिलीवरी हो गई। हालांकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।

भितरवार विकासखंड के ग्राम सहारन कॉलोनी पर निवासरत 40 वर्षीय महिला दीपा प्रजापति पत्नी भगवान दास प्रजापति को बुधवार की शाम प्रसव पीड़ा हुई तो महिला के पति ने ग्राम की आशा कार्यकर्ता को अवगत कराया तो वह प्रसव पीड़ा से व्याकुल महिला के घर पहुंची और उसने तकरीबन शाम 7:00 बजे 108 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस को फोन लगवाया तो काफी देर ट्राई करने के बाद जब तकरीबन 7:40 बजे फोन लगा तो 108 जननी एक्सप्रेस के कॉल सेंटर पर मौजूद किसी महिला कर्मचारी के द्वारा कहा गया कि 108 जननी एक्सप्रेस के चालक से बात करते हैं जिस पर कॉल ट्रांसफर कर दी गई, जिस पर संबंधित चालक द्वारा जानकारी प्राप्त करने के बाद अचानक से कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया गया। संबंधित को कोई जवाब या आश्वासन एंबुलेंस आने के संबंध में नहीं प्राप्त हुआ। तो दूसरी ओर उक्त गर्भवती महिला की प्रसव पीड़ा का दर्द काफी हद तक बढ़ने लगा इस दौरान तकरीबन 1 घंटे तक इंतजार करने के बाद भी जब 108 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस नहीं पहुंची तो आशा कार्यकर्ता के द्वारा गांव के किसी निजी साधन के तौर पर टमटम से महिला को संस्थागत प्रसव के लिए सामुदायिक अस्पताल के लिए लाया जा रहा था तभी भितरवार पुलिस थाने के सामने अत्यधिक प्रसव पीड़ा हो गई और उसकी वही आधी – अधूरी डिलीवरी रास्ते में हो गई। जैसे तैसे महिला को अस्पताल लाया गया। जहां अस्पताल में तैनात तत्कालीन महिला गायनिक पैरामेडिकल स्टाफ को भी उसकी बड़े कठिन परिश्रम के साथ टमटम में ही पूरी डिलीवरी करना पड़ी। इस दौरान प्रसव पीड़ा से व्याकुल में महिला के द्वारा ढाई किलो वजन की स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया गया। इसके संबंध में ड्यूटी पर तैनात महिला गायनिक पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा बताया गया कि महिला को दोपहर के समय से ही कुछ परेशानी होने की बात सामने आ रही थी लेकिन अस्पताल लाने में काफी समय लगा दिया जिसके कारण रास्ते में ही गर्भ में पल रहे बच्चे का आधा शरीर बाहर आ गया था। गर्भ में जो बच्चा था वह उल्टा था। लेकिन यहां अस्पताल पर आते ही सब कुछ नॉर्मल तरीके से कर लिया गया था। वही महिला के पति भगवान दास प्रजापति ने प्रदेश सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जा रही 108 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस की सुविधाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं साथ ही बताया कि अक्सर फर्जी कॉल डालकर जननी एक्सप्रेस का संचालन चालक अपनी बिलिंग बढ़ाने के लिए कर रहे हैं और जबकि जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। इनके संचालन व्यवस्था की जांच किए जाने की मांग की गई है। वहीं खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक खरे के द्वारा बताया गया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है आखिरकार जननी एक्सप्रेस सूचना के बाद क्यों नहीं पहुंची जिसकी जानकारी लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा जिससे कि ऐसी पुनरावृति न हो। वहीं उन्होंने बताया कि सुरक्षित प्रसव हो जाने के कारण जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ है।

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