कोलारस
कोलारस थाना परिसर में मंगलवार सुबह एक 52 वर्षीय पिता ने जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। आत्म घाती कदम उठाने वाला पिता अपनी नाबालिग बेटी को भगाकर ले जाने वाले आरोपी युवक को पुलिस द्वारा छोड़ देने से नाराज़ था। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक कोलारस कस्बे के पराई की पौर निवासी कन्हैया जाटव की नाबालिग बेटी 5 मार्च को घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। 9 मार्च को नाबालिग खुद थाने पहुंची और पुलिस को बताया कि वह अपने मामा के लड़के के साथ चली गई थी। उसके साथ वह युवक भी थाने पहुंचा था। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल परीक्षण करवाने के बाद न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष बयान करवाए। इसके बाद 9 मार्च की शाम नाबालिग की इच्छा के अनुसार उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मंगलवार की सुबह कन्हैया जाटव कोलारस थाने पहुंचा और आरोपी युवक पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए थाना परिसर में ही जहरीली दवा का सेवन कर लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने तत्काल उसे कोलारस के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। इस मामले में कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर का कहना है कि नाबालिग को बरामद कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया था और न्यायालय व सीडब्ल्यूसी के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए गए थे। नाबालिग ने स्वयं घर से जाने की बात कही थी। मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर युवक को छोड़ दिया गया था। वहीं सोमवार रात उनके घर में विवाद की सूचना भी मिली है। फि लहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
