शिवपुरी
शिवपुरी के करेरा स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्थाएं बुधवार को उस समय उजागर हो गईं, जब रमेश खटीक औचक निरीक्षण के लिए अस्पताल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अव्यवस्था का आलम साफ नजर आया न डॉक्टर मौजूद मिले और न ही नर्सिंग स्टाफ, और मरीज भगवान भरोसे इलाज के इंतजार में भटकते दिखे।
विधायक जब दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल पहुंचे तो ओपीडी पूरी तरह खाली मिली। यहां न कोई डॉक्टर था और न ही कोई नर्सिंग स्टाफ मौजूद था। वहीं इमरजेंसी वार्ड की स्थिति भी कुछ अलग नहीं थी, जहां मरीजों को तत्काल उपचार मिलना चाहिए, वहां भी सन्नाटा पसरा हुआ था।
निरीक्षण के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया। एक मरीज ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सहारे भर्ती था, लेकिन परिजनों ने बताया कि पिछले डेढ़ घंटे से ऑक्सीजन सप्लाई बंद है, जबकि मरीज की नाक में नली लगी हुई है। मरीज के बेटे मनोज कुमार ने बताया कि उसके पिता नाथूराम, जो अचरौनी गांव के निवासी हैं, अस्थमा से पीड़ित हैं और उन्हें करीब आठ घंटे पहले भर्ती कराया गया था, लेकिन सही उपचार नहीं मिल पाया।
इस लापरवाही को देखकर विधायक खटीक ने कड़ी नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई।
इसी दौरान हथेड़ा गांव की रहने वाली फूलवती भी अस्पताल में परेशान नजर आई। उसने बताया कि उसे घबराहट, नींद न आना और हाथ-पैरों में कंपन की शिकायत है, लेकिन वह डेढ़ घंटे से डॉक्टर के इंतजार में बैठी हुई है।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। विधायक ने इन सभी खामियों पर नाराजगी जताते हुए बीएमओ को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
विधायक रमेश खटीक ने कहा कि अस्पताल में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
