करेरा में वकील हत्याकांड के बाद थाना प्रभारी पर उठे सवाल,मुर्दाबाद के लगाए नारे। विभागीय जांच और हटाने की मांग तेज, राजनीतिक संरक्षण के आरोप

शिवपुरी

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शिवपुरी जिले के करेरा अनुभाग में एडवोकेट सक्सेना की खुलेआम गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद जहां पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों को हिरासत में ले लिया, वहीं करेरा थाना प्रभारी विनोद छावई की भूमिका को लेकर अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है।
शिकायत को हल्के में लेने का आरोप
जानकारी के अनुसार मृतक अधिवक्ता ने पूर्व में अपनी सुरक्षा और विवाद संबंधी शिकायत थाना प्रभारी को दी थी। आरोप है कि मामले को गंभीरता से लेने के बजाय दोनों पक्षों को थाने बुलाकर राजीनामा करा दिया गया। अब हत्या की घटना के बाद अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई की जाती तो शायद यह वारदात टाली जा सकती थी।
सोशल मीडिया पर खुलासे, विभागीय जांच की मांग
जिले के वरिष्ठ वकीलों द्वारा सोशल मीडिया पर थाना प्रभारी की कार्यशैली और कथित अनियमितताओं को लेकर कई आरोप लगाए जा रहे हैं। जमीन के कारोबार में संलिप्तता और थाने को “राजीनामा केंद्र” बनाए जाने जैसे गंभीर आरोपों की चर्चा है। अधिवक्ताओं ने थाना प्रभारी को तत्काल हटाकर निष्पक्ष विभागीय जांच कराने की मांग तेज कर दी है।
लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थापना पर सवाल
जिले के अन्य थानों कोलारस, बदरवास, पिछोर में लगातार तबादले होते रहे हैं, लेकिन करेरा थाना प्रभारी का लंबे समय से एक ही स्थान पर बने रहना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विरोध करने वालों का आरोप है कि यह राजनीतिक संरक्षण के चलते संभव हो रहा है।
अवैध खनन पर भी उठे प्रश्न
करेरा क्षेत्र में जारी अवैध उत्खनन और भूमाफियाओं की सक्रियता को लेकर भी पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन हो रहा है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
निष्पक्ष छवि वाले प्रभारी की मांग
हत्याकांड के बाद करेरा थाने की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ से करेरा थाने में ईमानदार और निष्पक्ष छवि वाले थाना प्रभारी की नियुक्ति की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक सख्ती से ही क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर जनता का विश्वास बहाल किया जा सकता है।

क्या कहना है
मेरा यह कहना है कि विनोद छावई बहुत लंबे अर्शे से शिवपुरी जिले में ही पदस्थ चले आरहे है।और राजनीतिक संरक्षण के चलते उनको करेरा थाना प्रभारी बनाया गया हे उनके विरुद्ध जनता में आक्रोश व्याप्त है यह तक जो अपुष्ट समाचार है ये कहा जाता है कि जमीनों के सौदों में उनका इन्वलमेन्ट रहता है।मेरी तो मांग है कि करेरा थान प्रभारी विनोद छावई को इस घटना ने निलंबित किया जाए जांच की जाए और जिले से बाहर स्थानांतरण किया जाए।

विजय तिवारी अध्यक्ष बार एसोसिएशन शिवपुरी

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