जल विहार में सजी सुर-ताल की महफिल, भरतनाट्यम में जीवंत हुए कृष्ण स्वरूप

ग्वालियर

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कालयुक्तनाम संवत्सर 2082 विदाई महोत्सव में शास्त्रीय नृत्य-संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां, तीन ताल में द्रोपदी की पुकार ने बांधा समां

नगर निगम एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में कालयुक्तनाम संवत्सर 2082 के विदाई महोत्सव के अवसर पर बुधवार शाम जल विहार में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। तैरते मंच पर सजे इस आयोजन में शहर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, महंत रामसेवक दास महाराज, पार्षद संजीव पोतनिश एवं एडिशनल कमिश्नर टी. प्रतीक राव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
भरतनाट्यम में कृष्ण लीला का मनोहारी चित्रण
महोत्सव में हुबली से आई हेमा बाघमोड़े एवं उनके 14 साथियों द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम आकर्षण का केंद्र रहा। 35 मिनट की प्रस्तुति की शुरुआत राग अरभी एवं ताल मिश्र चापू में पुष्पांजलि से हुई। इसके पश्चात रागमालिका और आदि ताल में कृष्ण चरितम प्रस्तुत कर कृष्ण के बाल स्वरूप से युवा रूप तक की लीलाओं को सजीव रूप में दर्शाया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथक में द्रोपदी चीरहरण की मार्मिक प्रस्तुति
जबलपुर से आई वरिष्ठ कलाकार शालिनी खरे ने अपनी शिष्याओं के साथ कथक नृत्य की प्रभावी प्रस्तुति दी। विष्णु वंदना से प्रारंभ होकर तीन ताल में तराना के माध्यम से तोड़े, टुकड़े और परन का सुंदर संयोजन प्रस्तुत किया गया। इसके बाद गत भाव में द्रोपदी चीरहरण और उनकी पुकार का भावपूर्ण चित्रण कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
काव्य मंजरी में गूंजी संवेदनाएं
कार्यक्रम में काव्य मंजरी का आयोजन भी हुआ, जिसमें शहर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने काव्य पाठ किया। संचालन सुनीति बैस ने किया। कविताओं में सामाजिक सरोकार, जीवन दर्शन और मानवीय संवेदनाओं की अभिव्यक्ति देखने को मिली।
स्थानीय कलाकारों को भी मिला मंच
महोत्सव में हवाइन गिटार, शास्त्रीय गायन एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला, जिसे दर्शकों ने सराहा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी यशवंत इंदापुरकर, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संस्कार भारती की ओर से संभाग प्रमुख शेखर दीक्षित, जिलाध्यक्ष डॉ. चंद्रप्रताप सिकरवार, प्रदीप दीक्षित, दिनेश चंद्र दुबे सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
पूरे आयोजन के दौरान जल विहार का वातावरण सुर, ताल और संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा।

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