हनुमान जयंती पर करें ये दिव्य कार्य — संकट से मुक्ति और अपार बल की प्राप्ति

धर्म

ग्वालियर

हनुमान जयंती, भगवान हनुमान जी के प्राकट्य का पावन दिवस है। यह दिन शक्ति, भक्ति, साहस और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए विशेष उपाय और पूजा व्यक्ति के जीवन में चमत्कारी परिवर्तन ला सकते हैं।

नीचे विस्तार से जानिए कि इस दिन घर में क्या करना चाहिए, कौन से मंत्र जपने चाहिए और किस फल की प्राप्ति होती है—

हनुमान जयंती के दिन क्या करें :-
1. प्रातः स्नान और संकल्प
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर को साफ कर दीपक जलाएं।

2. हनुमान जी की पूजा विधि :-
हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करें , तुलसी दल और केसर का तिलक लगाएं , धूप और दीप से आरती करें

3. सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ :-
इस दिन सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत शुभ होता है। यह राहु-केतु, शनि दोष और भय को दूर करता है।

4. व्रत और ब्रह्मचर्य पालन :-
इस दिन व्रत रखें और सात्विक भोजन करें। मन, वचन और कर्म से शुद्धता बनाए रखें।

हनुमान जयंती के प्रभावशाली मंत्र
बीज मंत्र – ॐ हं हनुमते नमः

फल:
मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि , नकारात्मक ऊर्जा का नाश

संकट मोचन मंत्र – ॐ नमो भगवते हनुमते नमः
फल:
जीवन के सभी संकटों से मुक्ति , कार्यों में सफलता

शत्रु नाशक मंत्र – ॐ ऐं भ्रीम हनुमते श्री रामदूताय नमः
फल: शत्रुओं पर विजय , कोर्ट-कचहरी और विवाद में सफलता

विशेष ज्योतिषीय उपाय :-

राहु-केतु और शनि दोष शांति , पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं , हनुमान जी को उड़द और गुड़ अर्पित करें

फल:
ग्रह बाधाओं से मुक्ति , दुर्भाग्य का अंत

धन और सफलता के लिए हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करें

गरीबों को भोजन कराएं
फल:धन में वृद्धि , रुके हुए कार्य पूरे

भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर से “राम” लिखें
हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करें

फल:
भूत-प्रेत बाधा समाप्त , घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास

हनुमान जयंती का आध्यात्मिक फल
अदम्य साहस और बल की प्राप्ति , रोगों और कष्टों से मुक्ति
, शनि और राहु के अशुभ प्रभाव का नाश , भक्ति और आत्मबल में वृद्धि , जीवन में सफलता और सुरक्षा का आशीर्वाद

विशेष – हनुमान जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मबल और ईश्वर भक्ति को जागृत करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस दिन श्रद्धा और नियम से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन से हर संकट को दूर कर सकती है और उसे सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ाती है।

पंडित कपिल त्रिपाठी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *