नई दिल्ली
तेज धूप, बढ़ता तापमान और खानपान में बदलाव के कारण बच्चे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो बच्चों में डिहाइड्रेशन, लू और पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विशेषकर छोटे बच्चों में यह जोखिम अधिक होता है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है। ऐसे में माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के खानपान, दिनचर्या और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। विशेषज्ञों के अनुसार जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे अस्पतालों में बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगती है। गर्मी के मौसम में वायरल संक्रमण, उल्टी-दस्त और कमजोरी के मामले अधिक सामने आते हैं। कई बार माता-पिता इन शुरुआती लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे आगे चलकर स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए बच्चों में दिखाई देने वाले किसी भी असामान्य लक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में बच्चों के आसपास का वातावरण संतुलित बनाए रखना बहुत जरूरी है। बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ज्यादा ठंडा माहौल दोनों ही बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए घर में तापमान सामान्य रखना और बच्चों को अत्यधिक गर्मी या तेज ठंडी हवा से बचाना जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों की देखभाल के लिए “ट्रिपल-एच फॉर्मूला” को सबसे प्रभावी उपाय बताया है। इसमें हाइड्रेशन, हेल्थी डाइट और हाइजीन शामिल हैं। हाइड्रेशन के तहत बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए। इसके अलावा नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और ताजे फलों का सेवन भी शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद करता है। हेल्थी डाइट के तहत बच्चों को हल्का और पौष्टिक भोजन देना चाहिए। हरी सब्जियां और मौसमी फल जैसे संतरा, मौसंबी, खरबूजा और खीरा शरीर को जरूरी विटामिन और खनिज प्रदान करते हैं। वहीं तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन से इस मौसम में दूरी बनाए रखना बेहतर माना जाता है। साफ-सफाई यानी हाइजीन भी बच्चों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बच्चों को खाने से पहले और बाहर से घर आने के बाद हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए। साफ भोजन और स्वच्छ वातावरण कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
डॉक्टरों का यह भी कहना है कि आजकल बच्चे जंक फूड, सड़क किनारे मिलने वाले खाने और पैकेज्ड ड्रिंक्स की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं। गर्मियों में ऐसे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया या अस्वच्छ तत्व होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को घर का ताजा और स्वच्छ भोजन ही दें। इसके अलावा बच्चों को तेज धूप में खेलने से बचाना भी जरूरी है। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो उन्हें हल्के कपड़े पहनाएं, टोपी लगाएं और पर्याप्त पानी साथ रखें।
