डबरा
ग्वालियर। नवग्रह शक्तिपीठ में आयोजित हो रहे प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के सांतवं दिन मंगलवार को हनुमत कथा का सरस प्रवाह करते हुए कहा कि संत को पकड़ोगे तो हनुमंत मिलेंगे और हनुमंत को पकड़ोगे तो भगवंत मिलेंगे, इसलिए संतों के सानिध्य होगा तो भगवान तो मिल ही जाएंगे। हनुमानजी को पकड़ोगे तो रामजी स्वत: ही प्राप्त हो जाएंगे।
हनुमत कथा के पहले दिन बागेश्वर पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पूजा सिर्फ लक्ष्मीजी की नहीं बल्कि लक्ष्मी नारायण की करो। नारायण की कृपा होगी तो लक्ष्मी स्वत: प्राप्त हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि हनुमानजी सदा रामजी के पास ही रहते हैं, इसलिए हनुमानजी के चरण पकड़ लोगे तो रामजी को अलग से बुलाने की आवश्यकता नहीं है।
हनुमान की आराधना से परेशान नहीं करते दुख…..
उन्होंने हनुमानजी की महिमा बताते हुए कहा कि यदि आप हनुमानजी की आराधना करोगे तो दुख तो रहेगा,लेकिन वह आपको परेशान नहीं करेगा। जैसे आंखों की रक्षा पलक करती है, वैसे ही हनुमानजी दुखों से रक्षा करते हैं। वे जन्म-जन्म को कष्टों से मुक्त कर देते हैं। उन्होंने विनोद करते हुए कहा कि जिनके मन काले हैं, वे भी स्टेटस भगवान वाले लगा रहे हैं। अपका चित्र चमके या न चमके,लेकिन आपका चरित्र चमकना चाहिए। उन्होंने कहा कि हनुमानजी के लिए सबकुछ छोड़ दो या हनुमानजी को छोड़ दो। यदि हनुमानजी के चरण पकड़ोगे तो दुनिया में फिर किसी के चरण पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डॉ मिश्रा ने डबरा के भाग्य खोल दिए…..
उन्होंने कहा कि एक विभूति को आमंत्रित करना कठिन हो जाता है,लेकिन डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कई विभूतियों को आमंत्रित करके डबरा के भाग्य खोल दिए। पं प्रदीप मिश्रा की शिवपुराण कथा, युगकवि कुमार विश्वास द्वारा अपने अपने राम की चर्चा और अब हनुमंत कथा सभी का कल्याण करेगी।
पांडाल में पलकें बिछाकर इंतजार करते रहे श्रद्धालु…..
प्रथम दिवस की हनुमंत कथा में बागेश्वर पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र शास्त्री को आने में कुछ विलंब हुआ,लेकिन श्रद्धालु श्रोता उनके इंतजार में पलक पावड़े बिछाकर हजारों की तादाद में पांडाल में जमे रहे। जैसे ही पांडाल में उनका आगमन हुआ बागेश्वर धाम का जयकारा लगाकर उनका स्वागत किया। भक्तों के अभिनंदन से अभीभूति पं धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि एक बेटी का विवाह करके पिता की हालत खराब हो जाती है, हम तो 300 बेटियों का विवाह करके आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को हनुमंत कथा तथा गुरूवार को दिव्य दरबार लगाया जाएगा, जिसमें आपका पर्चा निकले या न निकले,लेकिन जो हनुमान चालीसा एवं नारियल लेकर बैठेगा, उसकी अर्जी स्वत: ही हनुमानजी स्वीकार कर लेंगे।
2026 खतरनाक, नवग्रहों से ठाकुरजी के
अनुग्रह की प्रार्थना करो: पं श्याम सुंदर पाराशर
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथाचार्य पं श्याम सुंदर पाराशर ने कहा कि 2026 का यह वर्ष काफी खतरनाक है, इसलिए नवग्रहों से प्रार्थना करो कि ठाकुरजी का भी अनुग्रह हो जाए, जिससे आप कष्टों से बचे रहेंगे। खुशी की बात यह है कि अब युवाओं में भक्ति बढ़ रही है। वे ग्वालियर से गोवर्धन तक पैदल चलकर जा रहे हैं। कथा भी बढ़ी हैं तथा मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी है। ये कलयुग के दौर में सतयुग का प्रभाव प्रारंभ हो रहा है। सतयुग का आनंद लेना है तो सज्जन लोगों के साथ खड़े हो। कलयुग में धर्म और अधर्म की लड़ाई में आप धर्म की पार्टी में खड़े होंगे तो जीत आपकी होगी, क्योंकि जीत सदा धर्म की ही होती है। कौरवों की सेना बड़ी थी,लेकिन भगवान पांडवों के साथ थे, इसलिए किसी भी परिस्थिति में भगवान का साथ मत छोड़ो। कभी आपकी हार नहीं होगी।
भारत भूमि में ऐसी गुरूत्वाकर्षण शक्ति,
जिससे भगवान यहां लेते हैं अवतार
उन्होंने कहा कि भगवान भारत में जन्म लेते हैं फिर भी भारतीय नहीं जगन्नाथ कहलाते हैं। संपूर्ण संसार भगवान का शरीर है,लेकिन भारत भगवान का ह्रदय है, जहां धर्म की ध्वजा सदा लहराती रहती है। भारत की भूमि ही सिर्फ माता कहलाती है, अन्य किसी देश को माता-या पिता नहीं कहा जाता है। भारत माता है, इसलिए यहां भगवान अवतार लेते हैं। भारत भूमि में ऐसी गुरूत्वाकर्षण शक्ति है, जिससे भगवान यहां अवतार लेते हैं। विश्व का ह्रदय भारत और बारत का ह्रदय मध्यप्रदेश है, जहां पंचमहल मेें यह नवग्रह मंदिर की स्थापना हुई है, इसलिए सभी भारतवासियों को अपने राष्ट्र पर गर्व करना चाहिए। इस प्रसंग के दौरान उन्होंने जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा….गीत के माध्यम से श्रद्धालुओं को आनंदित किया। इस दौरान भारत माता की जय का नारे भी लगे।
उन्होंने कहा कि संसार में कोई अपनी मर्जी से नहींं आता, यदि ऐसा होता तो कोई भी गरीब के घर में जन्म नहीं लेता। संसार रूपी कुंए में सब गिरे हुए हैं,जो भगवान के चरणों का ध्यान करते हैं, वो भवकूप से बाहर आ जाते हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि देशी घी सबको हजम नहीं होता है, इसी तरह डबरा में आयोजित हो रहा यह धार्मिक अनुष्ठान कुछ लोगों को पच नहीं रहा है,लेकिन इस परिकल्पना को साकार करने वाले डॉ नरोत्तम मिश्रा किसी की परवाह किए डबरावासियों के सहयोग से इस महायज्ञ को कर रहे हैं।
हिंदुओं से संगठित रहने का आह्वान….
हिंदू एकता को लेकर उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र ये सनातन धर्म के चार खंबे हैं, जब तक ये मजबूत रहेंगे, तब तक हिंदू संगठित और सुरक्षित रहेगा। जिस तरह अंग्रेजों ने इन्हें आपस में लड़वाया, वैसे ही कुछ लोग इन्हें लड़वाना चाहते हैं,ऐसे लोगों के मंसूबों को सफल नहीं होने देना है। ऐसे लोगों से सावधान रहना है।
शक्ति और शक्तिमान के बीच नवग्रह पीठ

उन्होंने कहा कि दतिया शक्तिपीठ एवं धूमेश्वर धाम शक्तिमान शिव का धाम हैं, जिनके बीच डबरा में नवग्रह मंदिर की स्थापना बहुत ही अद्भुत रचना है। यहां ग्रहों को अनुकूल करने के लिए 9 मंजिल की यज्ञशाला में जगत कल्याण के लिए अनुष्ठान किया जा रहा है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह यादव, प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सिंह, राव उदयप्रताप सिंह , लखन पटेल, पूर्वमंत्री रामनिवास रावत प्रमुख रूप से मौजूद रहे। नवग्रह शक्ति पीठ प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव में इन सभी माननीयों का डॉ मिश्रा ने आत्मीय स्वागत किया।
