‘राहु कीर्ति राजयोग’: फर्श से अर्श पर पहुँचाने वाला मायावी योग

वैदिक ज्योतिष में राहु को अक्सर एक क्रूर और छाया ग्रह मानकर लोग भयभीत हो जाते हैं। आम धारणा है कि राहु केवल जीवन में भ्रम, अचानक नुक्सान और परेशानियां लेकर आता है। लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यही राहु जब कुंडली के विशेष भावों में शुभ स्थिति में बैठता है, तो एक ऐसा शक्तिशाली […]

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जगद्गुरु रामभद्राचार्य-विराट कोहली क्यों जाते हैं प्रेमानंद महाराज के पास?

लखनऊ जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने लखनऊ रामकथा में खोला बड़ा राज लखनऊ (News update): लखनऊ में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के दौरान प्रसिद्ध जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सनातन धर्म, समाज और राजनीति को लेकर कई बड़ी बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने मथुरा के विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज की जमकर सराहना की। रामभद्राचार्य ने बताया कि आखिर […]

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बुध गोचर से बनेगा भद्र राजयोग,

मिथुन, धनु समेत कई राशियों की बढ़ेगी कमाई Budh gochar : बुध का गोचर मिथुन राशि में 29 मई से शुरू हो रहा है जो कि 22 जून तक यह गोचर रहेगा,इसी के साथ भद्र राजयोग भी प्रभावशाली होगा।इस गोचर से मिथुन, कन्या, तुला सहित 5 राशियों को करियर और पारिवारिक जीवन में लाभ हासिल […]

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अधिक मास में करें ये विशेष पूजा

जीवन में आएगा सुख, शांति और पुण्य का प्रकाश हृदय स्तंभ/HRIDAY STAMBH: सनातन धर्म में अधिक मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है क्योंकि यह भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। यह मास लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है और इसका उद्देश्य व्यक्ति […]

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16 मई शनि जयंती पर करे ये दान

शनि जयंती शनि देवता की उपासना दान और उनके आशीर्वाद के लिए सबसे उपयुक्त मानी गई है इस दिन किए दान से शनि देवता प्रसन्न होते है और उनकी कृपा जातक पर बनी रहती है शनि जयंती को शनि अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर शनि जयंती का […]

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गुरु पुष्य योग : सौभाग्य, समृद्धि , धन और सिद्धि देने वाला अद्भुत संयोग

  वैदिक ज्योतिष में गुरु पुष्य योग को अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। यह ऐसा दिव्य योग है जिसमें देवगुरु बृहस्पति की कृपा और पुष्य नक्षत्र की शुभ ऊर्जा एक साथ मिलती है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्य लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करते हैं और जीवन में […]

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मंदिर के ऊपर रखा सामान: क्या यह आपकी सुख-समृद्धि को रोक रहा है?

  हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में ‘ईशान कोण’ (उत्तर-पूर्व) को देवताओं का स्थान माना गया है, जहाँ हम अपना मंदिर स्थापित करते हैं। मंदिर केवल लकड़ी या पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र होता है। जब हम मंदिर के ऊपर सामान रखते हैं, तो इसका हमारे जीवन और घर की ऊर्जा […]

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गंगा में विसर्जित इतनी अस्थियां आखिर जाती कहां हैं

प्रयागराज गंगा को देव नदी कहा जाता है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार गंगा स्वर्ग से धरती पर आई है। मान्यता है कि गंगा श्री हरि विष्णु के चरणों से निकली है और भगवान शिव की जटाओं में आकर बसी। . श्री हरि और भगवान शिव से घनिष्ठ संबंध होने पर गंगा को पतित पाविनी कहा […]

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बड़े मंगल की कथा

Bada Mangal 2026 क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल   हृदय स्तंभ (HRIDAY STAMBH) :बड़ा मंगल जिसका अपने आप मे एक विशेष महत्व है इस बार इसका महत्त्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि इस बार ये 4 न हो कर 8 बड़े मंगल के रूप में है ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगल […]

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केतु के 9 भाव की छाया

केतु के 9 भाव की छाया जो व्यक्ति को अध्यात्म वैराग्य की ओर ले जाता है जिसका कारक पिछला जन्म से जुड़ा माना जाता है केतु (Ketu) ज्योतिष में एक छाया ग्रह है, जो आध्यात्म, वैराग्य, अचानक घटनाओं और पिछले जन्म के कर्मों से जुड़ा माना जाता है। जब केतु 12 भावों में स्थित होता […]

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