भितरवार
नगर के मुख्य बाजार मैन तिराहे पर स्थित शौचालय पर है अनदेखी
भितरवार। एक तरफ स्वच्छ व स्वस्थ भारत का सपना तो दूसरी और नगर के मैन तिराहे पर स्थित सुलभ शौचालय को लेकर अनदेखी,यह हकीकत अब तिराहे पर स्थित दुकानदार- व्यापारियों एवं प्रतिदिन बाजार में आने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। जिसको लेकर दुकानदारों में काफी आक्रोश है।
नगर परिषद द्वारा नगर के मुख्य तिराहे पर लाखों रुपए की लागत से आने वाले ग्रामीणों एवं दुकानदारों के लिए सुलभ शौचालय बनवा तो दिया, लेकिन पालिका प्रशासन इसकी सुध लेना तक भूल गया। सुलभ शौचालय के आसपास अस्थाई अतिक्रमण होने से लाखों रुपए की लागत से बने सुलभ शौचालय का उपयोग नहीं हो पा रहा है। जिसमे महिला सुलभ प्रसाधन के मुख्य गेट के आगे अस्थायी दुकानदार एवं ठेलों के लग जाने से महिलाओं को खुले शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है जिसके चलते शौचालय होने के बावजूद भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
लाखों रुपए का नवीन शौचालय का टेंडर होने के बावजूद भी छोटे गेट का शौचालय झगड़ो के बीच तिराहे पर बन तो गया लेकिन इसका उपयोग अब भी दुकानों पर आने वाले ग्रामीण नही कर पा रहे है और कई बार उन्होंने इस अस्थायी अतिक्रमण को हटाने को लेकर शिकायत भी की,लेकिन हर बार कार्यवाही दिखावा भर बनकर रह गई, दो दिन हटवाने के बाद शौचालय के आसपास अतिक्रमण तीसरे दिन फिर से कर लिया गया।
शौचालय के आसपास हो रहे अस्थाई अतिक्रमण को हटाने की मांग भी कई बार बोर्ड मीटिंग में भी उठ चुकी है,लेकिन पालिका प्रशासन द्वारा आज तक भी अतिक्रमण नहीं हटवाया गया। अतिक्रमण हटाने को लेकर पालिका प्रशासन ने कई बार अतिक्रमियों को नोटिस भी जारी कर दिए, लेकिन पालिका के नोटिस अतिक्रमियों पर कोई असर नहीं हुआ। वही इस सम्बंध में दुकानदारों ने बताया कि क्या इसी अतिक्रमण के लिए खर्च हुए लाखों रुपये अगर ऐसा है तो दूसरी जगह बनवा देते जिससे दुकानदारों और बाहर से आने वाले लोगों को शौचालय मैं मल मूत्र विसर्जन की सुविधा मिल सकता।असुविधाओं को लेकर दुकानदारों ने काफी आक्रोश जताया है।
इनका कहना है – नगर के हृदय स्थल मुख्य तिराहे पर एक मात्र शौचालय है वो भी अतिक्रमण की चपेट में है जिसके चलते दुकानों पर आने वाले ग्रामीणों एवं महिलाओं को शौच के लिए परेशान होना पड़ता है । – सुनील यादव – कपड़ा दुकानदार
