बछेतर वाली माता को संतान की देवी भी कहा जाता है क्योंकि मान्यता… इनकी अर्चना से भर जाती है नि:संतान दंपती की गोद
आकर्षक लाईटों जगमगाया बछेतर माता मंदिर, लोगों के लिए बना आकर्षण का केन्द्र
भांडेर| दतिया जिले के भांडेर नगर से लगभग 14 किमी दूर चिरगांव रोड पर बछेतर माता का मंदिर स्थित है। चैत्र नवरात्र में हर वर्ष न केवल मंदिर बल्कि पूरी पहाड़िया पर आकर्षक लाइटें लगाई जाती हैं। भूतल से करीब ढाई सौ फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजमान मां बछेतर के दर्शन 14 किमी दूर से भी आसानी से हो जाते हैं। जानकार बताते हैं कि मां का मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। पहले मां को बच्छेश्वरी के नाम से जाना जाता था। यहां गांव बसा और गांव का नाम भी माता के नाम से रखते हुए बिछींदना पड़ा। धीरे-धीरे बच्छेश्वरी माता बछेतर माता के नाम से विख्यात हो गई। कोसों दूर से लोग यहां दर्शन करने आते हैं। इन दिनों नवरात्र में प्रमोद पुजारी परिवार द्वारा यहां धार्मिक आयोजन कराए जा रहे हैं। पुजारी के अनुसार माता की पूजा-अर्चना करने से निःसंतानता दूर हो जाती है। पुजारी परिवार द्वारा ही मंदिर पर आकर्षक साज सज्जा की जाती है।
