श्योपुर
ऑडिट में खुली थी फर्जी भुगतान की पोल, एक दिन पहले ही विजयपुर तहसील से हटाया
ग्वालियर से हुई गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत याचिका हो चुकी है खारिज
श्योपुर। जिले सहित बडौदा कस्बे में साल 2021 की भीषण बाढ़ तबाही में पीड़ितों के लिए आई राहत राशि फर्जी तरीके से दूसरे खातो में डालकर लूट का जरिया बनाने वाले कांड में बडी कार्यवाही करते हुए बडौदा पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को आखिरकार ग्वालियर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया है। जिले की बड़ौदा तहसील में करीब ढाई करोड़ रुपए के बाढ़ राहत घोटाले की मुख्य आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह ने हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका लगाई थी, जिसे भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
जानकारी के अनुसार बाढ़ पीड़ितों के नाम पर फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क खड़ा कर राहत राशि का बंदरबाट करने के मामले में ऑडिट जांच हुई थी जिसमें सामने आया कि कई अपात्र और काल्पनिक नामों पर मुआवजा राशि निकाल ली गई, जबकि असली पीड़ित राहत से वंचित रहे। दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया। इस प्रकरण में बड़ौदा थाने में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 409 और 120-बी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत केस दर्ज किया है। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने शिकंजा कसते हुए आरोपी तहसीलदार को धर दबोचा। गौरतलब है कि अमिता सिंह तोमर को एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार पद से हटाया गया था। इसके तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें ग्वालियर स्थित निवास से गिरफ्तार कर लिया।

