ग्वालियर।
ट्रेवल एजेंसी के नाम पर दर्जनों चार पहिया वाहन किराए पर लेकर उन्हें गिरवी रखकर रकम हड़पने वाले आरोपी पर ग्वालियर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। 39 वाहनों से जुड़ी इस बड़ी धोखाधड़ी में क्राइम ब्रांच की त्वरित कार्रवाई ने न केवल पीड़ितों को राहत दिलाई, बल्कि शहर में ठगी करने वालों को सख्त संदेश भी दे दिया है—विश्वासघात का अंजाम सीधे जेल है।
फरियादी भास्कर शर्मा निवासी शताब्दीपुरम ने क्राइम ब्रांच में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से लोगों की गाड़ियों को कंपनियों में सर्विस के लिए लगवाता है। अभय भदौरिया नामक व्यक्ति ने स्वयं को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में मैनेजर बताते हुए 19 चार पहिया वाहन किराए पर लिए और बाद में उन्हें गिरवी रखकर धनराशि ले ली। मामले में थाना क्राइम ब्रांच में अपराध क्रमांक 04/26 धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
इसी तरह रघुवीर रजक निवासी लोहार मोहल्ला पुरानी छावनी ने भी शिकायत की कि आरोपी ने उससे 20 वाहन किराए पर लिए और उसी प्रकार से गिरवी रख दिए। इस पर अपराध क्रमांक 05/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह (भापुसे) ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विदिता डागर (भापुसे) और सुमन गुर्जर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई। डीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार और मनीष यादव के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजी जांच के आधार पर संभावित ठिकानों पर दबिश दी और आरोपी अभय भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने वाहनों को गिरवी रखकर धन प्राप्त करना स्वीकार किया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। जब्त वाहनों के संबंध में वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर न्यायालय के आदेश पर सभी वाहन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए।
इस कार्रवाई से पीड़ित वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है। पुलिस की त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही ने साफ कर दिया है कि धोखाधड़ी और विश्वासघात करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तय
