पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान: ‘मेरे जाने पर रोना मत’
मुंबई :मशहूर पहलवान और अभिनेता दारा सिंह ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में अपने परिवार के सामने एक अनूठी इच्छा रखी थी। उनके बेटे विंदु दारा सिंह के अनुसार, 84 वर्ष की आयु में दारा सिंह अक्सर कहते थे कि उन्होंने एक भरपूर जीवन जिया है। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी थी कि उनके निधन के बाद कोई रोएगा नहीं, बल्कि उनकी उपलब्धियों और जीवन का उत्सव मनाया जाएगा।
आधी रात को छिड़ी शैंपेन और लगे ‘डैड’ के नारे
पिता के जाने के बाद, उनके बच्चों ने उनकी इसी अंतिम इच्छा को सिर आंखों पर रखा। विंदु दारा सिंह ने बताया कि जब अंतिम संस्कार के बाद सभी मेहमान चले गए, तब आधी रात को परिवार के सदस्यों ने शोक मनाने के बजाय शैंपेन की बोतलें खोलीं। पूरा घर “डैड” के नारों से गूंज उठा और माहौल पूरी तरह से उत्सवमय हो गया।
जब सफेद कपड़ों में सांत्वना देने पहुंचे अमिताभ बच्चन
जश्न अभी चल ही रहा था कि अचानक दरवाजे की घंटी बजी। सामने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन खड़े थे। वह दिन भर की शूटिंग और व्यस्तता के बाद देर रात शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। सफेद लिबास और चेहरे पर गंभीर दुख लेकर आए अमिताभ घर के अंदर का नजारा देख हतप्रभ रह गए। जहाँ उन्हें सिसकियों की उम्मीद थी, वहां संगीत और उल्लास का माहौल था।
अमिताभ का ‘थम्ब्स अप’ और अनोखी विदाई
स्थिति को समझते हुए विंदु दारा सिंह तुरंत अमिताभ के पास पहुंचे और उन्हें अपने पिता की उस खास वसीयत और इच्छा के बारे में बताया। यह सुनकर अमिताभ बच्चन ने ‘थम्ब्स अप’ का इशारा किया और दारा सिंह के इस सकारात्मक नजरिए का सम्मान किया। उन्होंने दारा सिंह की पत्नी से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उस यादगार रात का हिस्सा बनकर विदा ली।

