भितरवार में हम्मालों की हड़ताल समाप्त, एसडीएम की पहल पर बनी सहमति

डबरा/भितरवार

भितरवार

कृषि उपज मंडी में मंगलवार को जारी हम्मालों की हड़ताल आखिरकार दोपहर तक समाप्त हो गई है। हम्मालों और व्यापारियों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझाने में प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसडीएम राजीव समाधियां की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई, जिसके बाद सहमति बनते ही हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया।

जानकारी के अनुसार, हम्माल मजदूरों ने हमाली दर बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को हड़ताल की थी। उनका कहना था कि वर्तमान दरों में उन्हें पर्याप्त मेहनताना नहीं मिल रहा है, जिससे उनका जीवन यापन प्रभावित हो रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मजदूरी दर बढ़ाना उनकी प्रमुख मांग थी। इसी मांग को लेकर उन्होंने काम बंद कर दिया, जिसका सीधा असर मंडी की व्यवस्था पर पड़ा।

हड़ताल के चलते किसानों की उपज की खरीदी पूरी तरह ठप हो गई थी। दूर-दराज से अपनी फसल लेकर आए किसानों को मंडी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई किसानों को अपनी उपज वापस ले जानी पड़ी, जबकि कुछ को खुले में इंतजार करना पड़ा। खरीदी बंद होने से व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। एसडीएम राजीव समाधियां ने हम्मालों और व्यापारियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर चर्चा की। इस दौरान दोनों पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना गया और बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया गया। कई दौर की बातचीत के बाद अंततः हमाली दर में 3.50 रुपये की वृद्धि पर सहमति बनी।

सहमति बनने के बाद हम्मालों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी और काम पर लौट आए। वहीं व्यापारियों ने भी प्रशासन के निर्णय को स्वीकार करते हुए नई दरों पर काम करने की सहमति जताई। हड़ताल खत्म होते ही मंडी में एक बार फिर से रौनक लौट आई और किसानों की उपज की खरीदी का कार्य पुनः शुरू हो गया।

प्रशासन की इस पहल की स्थानीय लोगों और किसानों ने सराहना की है। उनका कहना है कि समय रहते समाधान निकलने से बड़ी समस्या टल गई। यदि हड़ताल और लंबी चलती तो किसानों को और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता था।

कुल मिलाकर, प्रशासन की सक्रियता और दोनों पक्षों की समझदारी से यह विवाद सुलझ गया और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है। अब किसानों को उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी और उनकी उपज की खरीदी बिना किसी बाधा के जारी रहेगी।

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