भितरवार
वन विभाग की ट्रैकिंग टीम जुटी सर्चिंग में, लोगों से सतर्क रहने की अपील
भितरवार अनुविभाग के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पुरावनवार के बेरनी गांव म रविवार की सुबह जब ग्रामीणों को गेहूं के खेतों के यहां शिकार की जुगाड़ में विचरण करते हुए चीता देखा गया है। अचानक से चीता नजर आया तो ग्रामीण घबरा गए और चीता को खेतों से भगाने को लेकर, किसी अनहोनी घटना की आशंका से बचने के लिए उन्होंने सामूहिक रूप से शोर मचाया, जिसके चलते वह खेतों से ओझल हो गया। बाद में ग्रामीणों ने इसकी जानकारी ग्राम सरपंच और भितरवार एसडीएम को दी जिस पर पहुंची वन विभाग की ट्रैकिंग टीम चीता की हर मूमेंट्स पर नजर रखे हुए हैं, हालांकि दोपहर के समय भी चीता का मूवमेंट्स बेरनी गांव के आसपास बताया गया है। जिसके चलते वन विभाग की ट्रैकिंग टीम के द्वारा लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
बता दें कि इस समय क्षेत्र भर में मौसम विपरीत बना हुआ है। कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। जबकि इस समय खेतों में किसानों की रवि सीजन की गेहूं की फसल खेत पक कर खड़ी हुई जिसकी भी कटाई का कार्य खराब मौसम से बचने के लिए किसान करने में जुटे हुए हैं। फसल कटाई और फसल की निगरानी को लेकर अधिकतर किसान अपने खेतों पर ही डेरा डाले हुए हैं इसी के बीच रविवार की सुबह तकरीबन 7:00 से 8:00 बजे के लगभग बेरनी गांव निवासी कुछ कृषक अपने खेतों पर जा रहे थे तभी उन्हें ग्राम के होतम सिंह कुशवाहा के गेहूं के खेतों में विचरण करते हुए चीता दिखा तो वह घबरा गए, जिस पर उन्होंने शोर मचाकर अन्य किसानों को बुलाया। तो आवाज सुनकर चीता तेजी से दूर के खेतों में भाग गया और गायब हो गया। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने ग्राम के सरपंच नीतू बनवारी परिहार को दी। जिस पर उन्होंने भितरवार एसडीएम राजीव समाधि या को भी अवगत कराया।
चीता का गेहूं के खेत में विचरण करते हुए वीडियो आया सामने
रविवार की सुबह कृषि कार्य के लिए अपने खेतों पर जा रहे किसानों को जैसे ही गेहूं के खेत में विचरण करते हुए देखा तो उन्हीं में शामिल एक ग्रामीण कृषक ने उसका वीडियो बना लिया जिसे पहले उसने अपने ग्राम के सरपंच नीतू बनवारी सिंह परिहार को भेजा उसके बाद उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।जिसमें दिखाई दे रहा चीता निश्चित ही अपने शिकार की जुगाड़ में इधर से उधर घूमता दिखाई दे रहा है। जो इस समय सोशल मीडिया पर जमकर बहुप्रसारित हो रहा है। वही देखा जाए तो इस क्षेत्र में पहली बार नहीं, पूर्व में भी कई बार चीता देखा गया है। क्योंकि उक्त ग्रामों के आसपास जंगल का एरिया लगा हुआ है ऐसे में इन ग्रामों में चीता का मूवमेंट्स देखने को मिलता है। इससे पहले घाटीगांव ब्लॉक के रानीघाटी और करहिया थाना क्षेत्र के गोलार घाटी के आसपास भी चीतों का मूवमेंट्स देखा गया था।
चीता देखे जाने के बाद से किसान हुए दहशतगर्द
इस समय समूचे क्षेत्र में रवि सीजन की गेहूं, चना इत्यादि की फसलों की कटाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। क्योंकि वर्तमान में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है ऐसे में अपनी फसल को बचाने के लिए दिन-रात किस फसल की कटाई में लगे हुए हैं।, लेकिन रविवार की सुबह जैसे ही किसानों को अपने गेहूं के खेतों के पास चीता दिखाई दिया तो वह दहशत में आ गए हैं। चीता की दहशत के कारण वह अपने खेतों पर फसल की कटाई करने के लिए नहीं जा पा रहे हैं। क्योंकि सुबह के बाद , दोपहर के समय भी चीता का मूवमेंट्स बेरनी गांव मैं खेतों के आसपास देखा गया है। जिसके चलते ग्रामीण कृषक अपने खेतों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं तो दूसरी ओर पशुओं को भी खेतों में विचरण करने के लिए नहीं भेज पा रहे हैं।
सूचना के बाद वन विभाग की टीम भी पहुंची
पुरा बनवार की ग्राम सरपंच नीतू बनवारी लाल परिहार के पास जैसे ही ग्रामीण द्वारा चीता के खेतों में विचरण करने का वीडियो बनाकर भेजा गया। जिस पर श्री परिहार ने तत्काल में भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया को अवगत कराते हुए वीडियो भेजा गया था। जिसकी संपूर्ण जानकारी के बाद श्री समाधिया के द्वारा इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी गई तो जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की चीता ट्रैकिंग टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से जानकारी लेने के बाद चीता की खोजबीन में जुट गई। जिसको लेकर भितरवार क्षेत्र के डिप्टी रेंजर घनश्याम चतुर्वेदी का कहना है कि भितरवार और घाटीगांव क्षेत्र से कूनो का जंगल लगा हुआ है ऐसे में भटककर अक्सर चीता यहां आ जाते हैं। वैसे भी शनिवार को भारी ओलावृष्टि और बारिश हुई है जिसके चलते आ गया होगा। फिलहाल चीता के हर मूवमेंट्स पर हमारी वन विभाग की ट्रैकिंग टीम पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं। फिर भी किसी भी अनहोनी घटना की आशंका से सचेत होकर सभी ग्रामीण सतर्क और सावधान भी रहे। ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना घटित न हो।

