कोलारस
बैडारी में समूह संचालक को 4 माह से नहीं मिला खाद्यान्न, फ रवरी से राशन के लिए मोहताज उपभोक्ता, फूड इस्पेक्टर गौरव कदम विक्रेताओं से मिलकर गरीबों के हक का राशन कर रहे हैं खुर्द-बुर्द
कोलारस अनुभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत कई ऐसे हैरतंगेज मामले निकलकर प्रकाश में आ रहे हैं। जिससे यह बात सिद्व हो गई है कि कोलारस के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम प्रतिमाह गरीबों को पीडीएस की दुकानों के माध्यम से खाद्यान वितरण कराने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। जबकि पोर्टल पर सभी पीडीएस दुकानों के खाद्यान वितरण की पूरी जानकारी उपलब्ध होने के बाद भी जहां पीओएस मशीनों में स्टॉक अधिक है और नियमित वितरण नहीं हो रहा है। उन पीडीएस दुकानों तक कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की नजर नहीं पहुंच पा रही है। इससे वितरण व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। अधिकांश पीडीएस दुकानों पर तालाबंदी के हालात देखने को मिल रहे हैं। समूह संचालक बच्चों के पोषण के लिए आने वाले आहार को प्राप्त करने के लिए पीडीएस दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत बैडारी स्थित उचित मूल्य की दुकान पर फरवरी माह से खाद्यान का वितरण नहीं किया गया। यहां के समूह संचालक भरत आदिवासी को भी 4 माह से समूह का खाद्यान नहीं मिल सका है। इसी प्रकार खरई उचित मूल्य की दुकान पर भी फ रवरी माह से राशन वितरण नहीं हो सका है। कल्ला धाकड ने बताया कि सेल्समैन द्वारा कुछ चुनिंदा लोगों को ही राशन वितरित कर दिया गया है। महिने में एक या दो दिन ही उचित मूल्य की दुकान खोली जाती है। जिसके चलते शत-प्रतिशत लोगों को इस दुकान से राशन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस समय कोलारस परगने की पूरी सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था ऑनलाईन होने के बाद भी स्टॉक और वितरण संबंधी पूरा डाटा कार्यालय में बैठकर ही देखा जा रहा है। जिन पीडीएस दुकानों पर राशन वितरण नहीं किया गया है, वहां पर आसानी से कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम भौतिक निरीक्षण कर राशन वितरण की पहल करा सकते हैं। किंतु विक्रेताओं से सांठ-गांठ होने से कई पीडीएस दुकानों पर पर्याप्त खाद्यान स्टॉक होने के बावजूद वितरण नहीं किया जा रहा है।
इन दुकानों पर अनियमिततााएं फिर भी नहीं कार्रवाई
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अपनी आंखों पर पटटी बांधकर ऐसी सभी पीडीएस दुकानों पर कार्रवाई करने में संकल्प शक्ति नहीं दिखा रहे हैं। इससे सीधा अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन पीडीएस दुकानों के विक्रेताओं व संस्था प्रबंधकों से कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम का चोली-दामन का साथ रहा है। ऐसी कई पीडीएस दुकानें, जिनमें अटामानपुर, उन्हाई, डेहरवारा, पनवारी, देहरोद, पाडौदा, कोटानाका, चिलावद शामिल हैं। जहां राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। खाद्यान वितरण न होने का मामला उजागर होने के बाद पूरा खाद्य विभाग हडकंप की स्थिति में है। खाद्यान के डिजीटल डाटा में हुई हेरा.फेरी का मामला प्रकाश में आने के बाद भ्रष्टाचार के अन्य मामलों से अधिक बडे रूप में कोलारस के खाद्य विभाग के मामले को देखा जा रहा है। क्योंकि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम द्वारा किया गया। राशन घोटाला सीधे तौर पर गरीब, कुपोषित वर्ग के व्यक्तियों से जुडा हुआ है और इस खाद्यान वितरण में भाजपा शासन द्वारा करोडों रूपया खर्च किया जा रहा है। ताकि कोई भी गरीब भूखे पेट न सो सके। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम के काले कारनामों की वजह से कोलारस अनुभाग क्षेत्र में भाजपा शासन की छवि धूमिल हो रही है। भाजपा शासन का उददेश्य सभी गरीबों को खाद्यान वितरण कराना है। लेकिन गौरव कदम के भ्रष्ट रवैए और विक्रेेताओं की मनमानी के कारण गरीबों को उनके हक का निवाला नहीं मिल पा रहा है।
नोटिस के नाम पर वसूली का खेल खेला
यदि गौरव कदम द्वारा लगातार डिजीटल आंकडों में दर्ज खाद्यान का निरीक्षण कर उन पीडीएस दुकानों पर पैनी नजर रखी जातीए जहां पर्याप्त स्टॉक होने के बाद भी खाद्यान वितरण नहीं हो रहा है। ऐसे पीडीएस विक्रेताओं को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाती तो राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह मजबूत हो सकती है। लेकिन कोलारस क्षेत्र में अव्यवस्थाओं को नियंत्रित करने के नाम पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम द्वारा नोटिस के नाम पर वसूली का खेल खेला जा रहा है। जबकि सच्चाई ये है कि गौरव कदम के संरक्षण में डिजीटल डाला में बडी हेरा-फेरी कर विक्रेताओं के साथ मिलकर खाद्यान के बडे घोटाले को अंजाम दिया गया है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए तो कई पीडीएस दुकानों पर लाखों की रिकवरी और खाद्यान घोटाला निकलकर सामने आएगा।
