डबरा
प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप, पार्षद की शिकायत पर हुई जांच के बाद कार्रवाई
डबरा नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कथित घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण संगठन (EOW) ने जांच के बाद तत्कालीन सीएमओ प्रदीप भदौरिया और कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को मिलने वाली राशि में अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि तय मापदंडों के विपरीत कुछ हितग्राहियों के खातों में अधिक राशि डाली गई, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। प्रारंभिक जांच में यह राशि करीब 1.31 करोड़ रुपए तक बताई जा रही है।
इस पूरे मामले की शिकायत पार्षद हैप्पी सरदार द्वारा की गई थी। उन्होंने ईओडब्ल्यू सहित अन्य संस्थानों में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई और अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पार्षद हैप्पी सरदार ने इस कार्रवाई को “डबरा की जनता की जीत” बताया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और ऐसे मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया कि बिना आवश्यक जियो-टैगिंग और प्रक्रिया का पालन किए बिना ही भुगतान किए गए। साथ ही, कुछ मामलों में नियमों को दरकिनार कर हितग्राहियों को निर्धारित राशि से अधिक अनुदान दिया गया।
ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
यह कार्रवाई डबरा में लंबे समय से चर्चित आवास घोटाले में एक बड़ा मोड़ मानी जा रही है और इससे अन्य मामलों में भी जांच की दिशा तेज होने की संभावना है।

