नई दिल्ली
आधुनिक जीवनशैली और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच महिलाओं में पोषक तत्वों की कमी, हार्मोन असंतुलन और कमजोरी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। ऐसे में संतुलित और पोषक आहार बेहद जरूरी हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ प्राकृतिक और आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों को रोजाना आहार में शामिल करके महिलाएं अपने शरीर की कई कमियों को दूर कर सकती हैं। इनमें सबसे पहले रागी का नाम आता है, जो कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होती है। रागी का सेवन हड्डियों को मजबूत बनाने, हार्मोन संतुलित रखने और त्वचा व बालों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसे रोटी, चीला या लड्डू के रूप में आसानी से खाया जा सकता है। दूसरे स्थान पर आंवला है, जो विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और संक्रमण से बचाव में सहायक होता है। आंवले का सेवन जूस, चटनी, अचार या मुरब्बे के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा चिया सीड्स भी महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद हैं। इनमें कैल्शियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, कमजोरी दूर करता है और वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
इसी तरह अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, मानसिक तनाव कम करते हैं और हार्मोन से जुड़ी समस्याओं, जैसे पीसीओडी, में भी लाभकारी साबित होते हैं। कद्दू के बीज भी पोषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इनमें मैग्नीशियम और जिंक जैसे जरूरी तत्व होते हैं, जो शरीर की कई प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं। इनकी कमी से थायराइड जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए रोजाना थोड़ी मात्रा में इनका सेवन लाभदायक है। बढ़ती उम्र के साथ शरीर और मस्तिष्क की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए अखरोट का सेवन भी जरूरी माना जाता है। यह दिमाग को तेज रखने और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
वहीं, चुकंदर महिलाओं में खून की कमी को दूर करने के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें आयरन प्रचुर मात्रा में होता है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सात चीजों को नियमित आहार में शामिल करने से महिलाएं अपनी सेहत को बेहतर बना सकती हैं और कई बीमारियों से बचाव कर सकती हैं। बता दें कि परिवारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते महिलाएं अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। घर-परिवार की देखभाल करते-करते वे अपने खानपान और पोषण पर ध्यान नहीं दे पातीं, जिसका असर धीरे-धीरे उनके शरीर पर दिखने लगता है।

