ग्वालियर
“ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेस-वे से विकास को मिलेगी नई रफ्तार” — ज्योतिरादित्य सिंधिया
7000 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगा ग्वालियर-चंबल का भविष्य
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेस-वे परियोजना का निरीक्षण कर इसकी प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह हाई-स्पीड कॉरिडोर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि करीब ₹5500 करोड़ की लागत से बन रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे वर्तमान मार्ग की तुलना में लगभग 32 किलोमीटर छोटा होगा और कुल दूरी करीब 88 किलोमीटर रह जाएगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर आगरा से ग्वालियर की यात्रा, जो अभी 2.5 से 3 घंटे लेती है, महज 45 से 50 मिनट में पूरी हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे को छह-लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां न्यूनतम गति 100 किमी प्रति घंटा होगी। साथ ही सीमित प्रवेश और निकास व्यवस्था के जरिए यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाया जाएगा।
परियोजना के तहत चंबल नदी पर अत्याधुनिक 6-लेन पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा शिवपुरी को जोड़ने के लिए लगभग 28 किलोमीटर लंबा पश्चिमी बायपास भी विकसित किया जा रहा है, जिसकी लागत करीब ₹1400 करोड़ है।
सिंधिया ने बताया कि एक्सप्रेस-वे और बायपास समेत कुल करीब ₹7000 करोड़ की परियोजनाएं ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को मिली हैं। साथ ही ग्वालियर में ₹600 करोड़ की लागत से आधुनिक रेलवे स्टेशन का निर्माण भी जारी है, जिससे क्षेत्र में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि जनता को जल्द इसका लाभ मिल सके।
